{"_id":"571152e84f1c1bc41a4a6d40","slug":"selection-board-of-secondary-education-got-relief","type":"story","status":"publish","title_hn":"माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड को राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड को राहत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 16 Apr 2016 02:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड को राहत मिल सकती है। हाईकोर्ट में इन सदस्यों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका वापस ले ली गई है। कोर्ट ने याची के वकील की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज दी है। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने इस याचिका पर पारित अंतरिम आदेश में तीनों सदस्यों आशा लता सिंह, ललित श्रीवास्तव और अनीता यादव के काम करने पर रोक लगा दी थी। इस आदेश से कोरम के अभाव में आयोग में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार का कार्य रूका हुआ था।
याची अभिलाषा मिश्रा के वकील पंकज सिंह ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर याचिका वापस लेने की मांग की तथा इस आधार पर याचिका खारिज करने की मांग की। न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति पीसी त्रिपाठी की खंडपीठ ने इसे स्वीकार करते हुए याचिका खारिज दी है। सदस्यों के खिलाफ याचिका वापस हो जाने से चयन बोर्ड को राहत मिलने की संभावना है। बोर्ड में साक्षात्कार का काम फिर से प्रारंभ हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने छह जुलाई 2015 के आदेश से चयन बोर्ड के तीन सदस्यों अनीता यादव, आशालता सिंह और ललित श्रीवास्तव के काम करने पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने इनकी नियुक्तियों को नियम विरुद्ध और संविधान के अनुच्छेद 14 के विपरीत माना था। तीन सदस्यों की नियुक्ति संबंधी मूल दस्तावेज भी हाईकोर्ट में पेश किए। इन दस्तावेजों में व्यापक गड़बड़ियां सामने आने पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
याची अभिलाषा मिश्रा के वकील पंकज सिंह ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर याचिका वापस लेने की मांग की तथा इस आधार पर याचिका खारिज करने की मांग की। न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति पीसी त्रिपाठी की खंडपीठ ने इसे स्वीकार करते हुए याचिका खारिज दी है। सदस्यों के खिलाफ याचिका वापस हो जाने से चयन बोर्ड को राहत मिलने की संभावना है। बोर्ड में साक्षात्कार का काम फिर से प्रारंभ हो सकेगा।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने छह जुलाई 2015 के आदेश से चयन बोर्ड के तीन सदस्यों अनीता यादव, आशालता सिंह और ललित श्रीवास्तव के काम करने पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने इनकी नियुक्तियों को नियम विरुद्ध और संविधान के अनुच्छेद 14 के विपरीत माना था। तीन सदस्यों की नियुक्ति संबंधी मूल दस्तावेज भी हाईकोर्ट में पेश किए। इन दस्तावेजों में व्यापक गड़बड़ियां सामने आने पर कोर्ट ने प्रमुख सचिव को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन