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हाईकोर्ट : ‘तनखैया’ भाषण मामले में आजम खां की याचिका पर सरकार से जवाब तलब, कोर्ट ने रिकॉर्ड किया तलब
Sat, 31 Oct 2026 05:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 31 Oct 2026 05:58 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 के ‘तनखैया’ भाषण मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व सांसद आजम खां की दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
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सपा नेता आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 के ‘तनखैया’ भाषण मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व सांसद आजम खां की दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
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न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए अधीनस्थ अदालत का रिकॉर्ड भी तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। आजम खां को 16 मई 2026 को रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने आईपीसी की धारा 153ए, 153बी, 505(2) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक अपराध में दो-दो साल की सजा सुनाई थी। अपीलीय अदालत ने 18 जुलाई 2026 को उनकी अपील खारिज कर दोषसिद्धि बरकरार रखी थी। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
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पुनरीक्षण याचिका में आजम खां की ओर से दलील दी गई कि उनका भाषण चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारियों की राजनीतिक आलोचना तक सीमित था। इसमें किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ वैमनस्य फैलाने की बात नहीं थी। कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद आजम को प्रत्युत्तर के लिए एक सप्ताह मिलेगा।
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