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शिक्षा सेवा अधिकरण पर प्रदेश सरकार से मांगा विस्तृत जवाब

Mon, 23 Sep 2019 10:51 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 10:51 PM IST
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Seeks detailed reply from State Government on Education Services Tribunal
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शिक्षा सेवा अधिकरण पर प्रदेश
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सरकार से मांगा विस्तृत जवाब
0 हाईकोर्ट में 21 अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। शिक्षा सेवा अधिकरण सहित लखनऊ स्थित अन्य अधिकरणों को प्रयागराज में स्थापित करने की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी। बार के पूर्व महासचिव प्रभाशंकर मिश्र की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने संक्षिप्त जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसमें प्राथमिक तौर पर जनहित याचिका की पोषणीयता को लेकर आपत्ति की गई थी। बाद में उन्होंने विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।

बार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रविकांत और राकेश पांडेय ने पक्ष रखा। याची की तरफ से प्रत्युत्तर हलफनामा भी दाखिल किया गया। भारत सरकार की तरफ से सहायक सॉलिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश और भारत सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी ने पक्ष रखा। याचिका में हाईकोर्ट की प्रधान पीठ प्रयागराज में होने के नाते अधिकरणों की पीठ प्रयागराज में स्थापित होनी चाहिए। मामले की सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी। इसी मामले को लेकर अविनाश चंद्र तिवारी की जनहित याचिका पर भी कोर्ट ने राज्य व केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इस याचिका पर विजय चंद्र श्रीवास्तव और एससी मिश्र ने बहस की। इस याचिका में सभी अधिकरणों को प्रयागराज में स्थापित करने की मांग की गई है। यह भी कहा गया कि भविष्य में गठित होने वाला कोई भी अधिकरण पहले प्रयागराज में ही बनाया जाए। उल्लेखनीय है शिक्षा सेवा अधिकरण लखनऊ में बनाने के विरोध मेें गत माह हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने लंबा आंदोलन किया था। करीब 15 दिन चली हड़ताल के बाद मुख्य न्यायाधीश के आग्रह पर वकील काम पर वापस लौटे और जनहित याचिका दाखिल अधिकरण पर निर्णय देने की मांग की गई है।
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