कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले की विधिवत शुरुआत में अभी करीब दो हफ्ते का समय बाकी है, लेकिन संगम की रेती का परिदृश्य बदलने लगा है। रात में जब तारे आसमान में अपनी चमक बिखेर रहे होते हैं तब संगम की रेती पर तंबुओं के बीच झिलमिल-झिलमिल करती रोशनी वातावरण को एक अलग ही आभा प्रदान करती है।
मेले में वर्ल्ड क्लास सैनिटेशन की व्यवस्था करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए मेला क्षेत्र को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त करने के लिए एक लाख 22 हजार 500 शौचालय बनाए जा रहे हैं।
सैनिटेशन को लेकर कुंभ मेले का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड ऑफ रेकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के उद्देश्य से सरकार ने प्रयास शुरू किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि, कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर में साफ-सफाई के मानक भी तय किए गए हैं। इसके लिए कुंभ मेले के दौरान करीब 35 हजार सफाईकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को मुफ्त में वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने बीएसएनएल के अधिकारियों से संपर्क किया है। मकर संक्रांति के एक दिन पहले से ही मेला क्षेत्र में रेलवे के काउंटर शुरू कर दिए जाएंगे। शिविरों में इस बार यात्रियों को मुफ्त में वाईफाई सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के लिए यूपी पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को एनडीआरएफ की टीमों द्वारा खासी ट्रेनिंग दी गई है। साथ ही गोताखोरों को भी किसी भी प्रकार के हालात से निपटने के लिए तैयार किया गया है। मेले में डॉग स्कावयड की टीम भी मौजूद रहेगी।