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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Section 67-A of the UP Revenue Code is a beneficial provision, liberal interpretation is necessary.

High Court : उप्र राजस्व संहिता की धारा 67-ए एक लाभकारी प्रावधान, उदार व्याख्या जरूरी

Fri, 31 Oct 2025 04:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 31 Oct 2025 04:06 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67-ए को एक लाभकारी प्रावधान करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि इसकी उदार व्याख्या की आवश्यकता है।

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Section 67-A of the UP Revenue Code is a beneficial provision, liberal interpretation is necessary.
अदालत का आदेश - फोटो : istock

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67-ए को एक लाभकारी प्रावधान करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि इसकी उदार व्याख्या की आवश्यकता है। यह धारा विधायी उद्देश्य को आगे बढ़ाती है, न कि उसे विफल करती है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ ने औरैया निवासी विनोद कुमार व दो अन्य की ओर से दायर याचिका निस्तारित कर दी।

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औरैया के ग्राम ककरही निवासी याचियों का दावा है कि वे संबंधित भूमि के एक हिस्से पर काबिज हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67-ए के प्रावधानों के तहत बंदोबस्त का हक है। ग्राम सभा भूमि प्रबंधन समिति ने इन पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। इस पर एसडीएम/तहसीलदार औरैया ने 29 अप्रैल 2025 को बेदखली आदेश पारित कर दिया। उनकी दायर अपील भी खारिज हो गई। इस फैसले को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि राजस्व संहिता की धारा 67-ए कुछ शर्ताें के अधीन 29 नवंबर 2012 से पहले गैर आरक्षित भूमि पर बने मकान को मान्यता देता है। कब्जों को नियमित करता है। इससे लोगों को बेदखली से सुरक्षा मिलती है।
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कोर्ट ने कहा कि यदि धारा 67-ए में दी गईं शर्तें पूरी होती हैं तो लाभ देने से इन्कार नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने याचियों को संबंधित प्रावधान के आधार पर आवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा है। साथ कहा कि बेदखली आदेश दो सप्ताह तक प्रभावी नहीं होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणी केवल धारा 67-ए के लाभकारी उद्देश्य तक ही सीमित हैं। 

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