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धरी रह गई धारा 144, सड़क पर हर तरफ नजर आया हुजूम
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Section 144 was caught, flocked everywhere on the road
- फोटो : ALDCOMPACT
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धरी रह गई धारा 144, सड़क पर हर तरफ नजर आया हुजूम
जमकर हुआ उल्लंघन, नहीं काम आई पुलिस की घेराबंदी
जूलूस की शक्ल में जिधर मन चाहा, उधर गए प्रदर्शनकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। लगातार बिगड़ते माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से लगाई गई धारा 144 शुक्रवार को धरी की धरी रह गई। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी न सिर्फ हजारों की संख्या में जमा हुए, बल्कि नारेबाजी करते हुए जुलूस भी निकाला।
सीएए को लेकर अलग-अलग जगहों पर हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दो दिन पहले ही जिले में भी धारा 144 लागू कर दी गई थी। जिला प्रशासन ने यह भी कहा था कि इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एक दिन पहले की तरह ही शुक्रवार को भी इसका कोई असर नजर नहीं आया। निषेधाज्ञा लागू होने के बाजवूद अलग-अलग क्षेत्रों में न सिर्फ जुलूस निकाले गए बल्कि जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से की गई घेराबंदी भी काम नहीं आई। जुलूस के अलावा भी पुराने शहर में जगह-जगह लोग अलग-अलग गुटों में जमा नजर आए। फिर चाहे वह कोतवाली क्षेत्र हो या फिर शाहगंज या खुल्दाबाद। पुलिस ने कई बार इन्हें हटाने की भी कोशिश की। सभी से अपने-अपने घरों में जाने की अपील की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उधर जुलूस की शक्ल में प्रदर्शनकारियों का हुजूम भी मनचाहे तरीके से अलग-अलग क्षेत्रों में घूमता रहा। हालात को देखते हुए पुलिसकर्मी भी सिर्फ मूकदर्शक ही बने नजर आए। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि नियम विपरीत प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
क्या है धारा-144
कानून के जानकारों के अनुसार, सीआरपीसी के तहत आने वाली धारा-144 शांति व्यवस्था कायम करने के लिए लगाई जाती है। इसे लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन जारी करता है। जिस जगह भी यह धारा लगाई जाती है, वहां चार या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं। साथ ही उस स्थान पर हथियारों के लाने ले जाने पर भी रोक लगा दी जाती है। इसके उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। साथ ही आरोपी को एक साल कैद की सजा भी हो सकती है. वैसे यह एक जमानती अपराध है जिसमें जमानत हो जाती है।
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जमकर हुआ उल्लंघन, नहीं काम आई पुलिस की घेराबंदी
जूलूस की शक्ल में जिधर मन चाहा, उधर गए प्रदर्शनकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। लगातार बिगड़ते माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से लगाई गई धारा 144 शुक्रवार को धरी की धरी रह गई। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी न सिर्फ हजारों की संख्या में जमा हुए, बल्कि नारेबाजी करते हुए जुलूस भी निकाला।
सीएए को लेकर अलग-अलग जगहों पर हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दो दिन पहले ही जिले में भी धारा 144 लागू कर दी गई थी। जिला प्रशासन ने यह भी कहा था कि इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एक दिन पहले की तरह ही शुक्रवार को भी इसका कोई असर नजर नहीं आया। निषेधाज्ञा लागू होने के बाजवूद अलग-अलग क्षेत्रों में न सिर्फ जुलूस निकाले गए बल्कि जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से की गई घेराबंदी भी काम नहीं आई। जुलूस के अलावा भी पुराने शहर में जगह-जगह लोग अलग-अलग गुटों में जमा नजर आए। फिर चाहे वह कोतवाली क्षेत्र हो या फिर शाहगंज या खुल्दाबाद। पुलिस ने कई बार इन्हें हटाने की भी कोशिश की। सभी से अपने-अपने घरों में जाने की अपील की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उधर जुलूस की शक्ल में प्रदर्शनकारियों का हुजूम भी मनचाहे तरीके से अलग-अलग क्षेत्रों में घूमता रहा। हालात को देखते हुए पुलिसकर्मी भी सिर्फ मूकदर्शक ही बने नजर आए। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि नियम विपरीत प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
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क्या है धारा-144
कानून के जानकारों के अनुसार, सीआरपीसी के तहत आने वाली धारा-144 शांति व्यवस्था कायम करने के लिए लगाई जाती है। इसे लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन जारी करता है। जिस जगह भी यह धारा लगाई जाती है, वहां चार या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं। साथ ही उस स्थान पर हथियारों के लाने ले जाने पर भी रोक लगा दी जाती है। इसके उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। साथ ही आरोपी को एक साल कैद की सजा भी हो सकती है. वैसे यह एक जमानती अपराध है जिसमें जमानत हो जाती है।
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