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हाईकोर्ट : दहेज हत्या के आरोपी पति की दूसरी जमानत अर्जी सशर्त मंजूर, पीएम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि
Mon, 29 Jul 2024 03:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 29 Jul 2024 03:15 PM IST
सार
सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतका की मृत्यु फांसी लगाने से हुई, इसलिए आत्महत्या की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा विवेचना अधिकारी ने सुसाइड नोट बरामद किया और सुसाइड नोट के मुताबिक उसने आत्महत्या की है। यह दहेज हत्या का मामला नहीं लग रहा है लिहाजा याची पति जमानत पर रिहा होने का हकदार है।
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अदालत का आदेश
- फोटो : istock
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के आरोप में दो साल से अधिक समय से जेल में बंद आरोपी पति की दूसरी जमानत अर्जी सशर्त मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने सैयद सगर अब्बासी उर्फ नेहाल की जमानत अर्जी पर उसके अधिवक्ता मयंक कृष्ण सिंह चंदेल और सरकारी वकील को सुनकर दिया है।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि याची मृतका का पति है। मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाने में उसके खिलाफ दहेज हत्या के आरोप में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था लेकिन यह मामला दहेज का नहीं है। क्योंकि जांच के दौरान मृतका का सुसाइड नोट बरामद किया गया और सुसाइड नोट के मुताबिक याची के उसकी भाभी के साथ संबंध होने के कारण मृतका ने आत्महत्या की थी। इसलिए यह दहेज का मामला नहीं है।
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याची 12 जुलाई 2022 से जेल में बंद है और दो साल से अधिक समय से अब तक ट्रायल में नौ में से केवल दो अभियोजन गवाहों के बयान हो सके हैं। ट्रायल पूरा होने में काफी वक्त लगेगा। उसका पहला जमानत प्रार्थना पत्र खारिज हो चुका है।
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सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतका की मृत्यु फांसी लगाने से हुई, इसलिए आत्महत्या की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा विवेचना अधिकारी ने सुसाइड नोट बरामद किया और सुसाइड नोट के मुताबिक उसने आत्महत्या की है। यह दहेज हत्या का मामला नहीं लग रहा है लिहाजा याची पति जमानत पर रिहा होने का हकदार है।