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प्रयागराज के इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज के वैज्ञानिकों ने कोरोना से बचाव पर किया शोध, बताए ये तीन उपाय
Thu, 21 May 2020 03:26 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 21 May 2020 03:26 PM IST
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कोरोना
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पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोविड-19 से जूझ रहा है लेकिन आज तक न तो कोई निश्चित दवा बन सकी है और न ही वैक्सीन बन पाई है। कई विश्लेषणात्मक तथ्य इस महामारी के विषय में लगातार प्रकाशित हो रहे हैं और वैश्विक स्तर पर दवा खोजने/वैक्सीन बनाने का प्रयास जारी है। विश्व में लगभग 50 लाख से ऊपर लोग इससे संक्रमित हैं। भारत में यह संख्या एक लाख को पार कर चुकी है और लगभग तीन हजार लोगों की मौत हो चुकी है।
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ऐसे में इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज प्रयागराज के मानद वैज्ञानिकों द्वारा गहन शोध के बाद इस बीमारी से बचने और उसके उपचार हेतु निम्न उपाय बताये गए हैं-
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1- दूरगम्य अवरक्त किरणें (फार इन्फ्ररेड रेज) द्वारा SARS-CoV-2 वायरस को खत्म करना।
2- क्रियों सोटम. 30 CH होमियोपैथिक दवा के इस्तेमाल द्वारा वायरस जनित म्यूकस (बलगम) को खत्म करना।
3- सहजन से बने पोषक खाद्यपदार्थ का सेवन जिससे कि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।
उपरोक्त खोज निष्कर्ष अन्तर्राष्ट्रीय शोध पत्र के रूप में प्रकाशित हो चुका है। इसका कई विदेशियों ने भी अनुमोदन किया है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ करेंट रिसर्च में प्रकाशित उपरोक्त शोध की प्रस्तावना आयुष मंत्रालय को भी भेजी गई है, ताकि इसकी उपयोगिता क्लीनिकली ट्रायल द्वारा सत्यापित एवं प्रस्तावित की जा सके। इस शोध कार्य में पवित्रा टंडन, एएफ रिजवी, प्रसन्ना के घोष, के पी सिंह, डी के चौहान, बी पी अग्रवाल और नीरज कुमार बतौर वैज्ञानिक सम्मिलित थे।
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