फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   School of Poetry were uneasy

स्कूल ऑफ पोयट्री थे बेकल

Mon, 26 Dec 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 26 Dec 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
School of Poetry were uneasy
बेकल उत्साही - फोटो : self
संस्था गुफ्तगू की ओर से रविवार को जानेमाने कवि बेकल उत्साही की स्मृतियां सहेजी गईं। ‘याद-ए-बेकल’ में वरिष्ठ आलोचक प्रो.एए फातमी ने कहा, बेकल उत्साही स्कूल ऑफ पोयट्री थे। उन्होंने अपनी मेहनत और फन से गीत जैसी विधा को मंच पर स्थापित किया। उनकी शायरी में जगह-जगह खेत-खलिहान, गांव, किसान, पगडंडी जैसे वर्णन मिलते हैं। और तो और उन्होंने नातिया शायरी को भी मजबूत किया। बतौर मुख्य अतिथि सुलेमान अजीजी और वरिष्ठ कथाकार असरार गांधी ने बेकल केसंस्मरण सुनाए। साथ गुजारे दिनों को याद किया।
विज्ञापन


बतौर अध्यक्ष वरिष्ठ शायर बुद्धिसेन शर्मा ने कहा, बेकल उस दौर के शायर हैं, जब मुशायरों को बहुत इज्जत हासिल थी। उनका जाना बड़ा नुकसान है।  हरवारा मस्जिद के पेश इमाम इकरामुल हक ने बेकल की नात सुनाई। अख्तर अजीज ने कहा, उनका जाना हिन्दी-उर्दू शायरी का ऐसा नुकसान है जिसे आसानी से भरा जाना मुमकिन नहीं है। डॉ.पीयूष दीक्षित ने कहा, एक छोटे से गांव से आने वाले बेकल ने शायरी की दुनिया में जितना नाम कमाया और काम किया, वह नई पीढ़ी के लिए मिसाल है।
विज्ञापन


संयोजक और संचालक इम्तियाज अहमद गाजी ने गुफ्तगू के ‘बेकल उत्साही अंक’ की रूपरेखा बताई। कहा, आज से ग्यारह बरस पहले कैलाश गौतम के निर्देशन में वह अंक निकला था तो मैं और अख्तर अजीज उनके बलरामपुर स्थित घर गए थे। नरेश कुमार महरानी ने मुनव्वर राना का लेख पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा था, तकरीबन तीस बरस पहले जब लोग विदेश जाने की कोशिश में लगे रहते थे, बेकल आधी दुनिया घूम चुके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


संयोजक और संचालक इम्तियाज अहमद गाजी ने गुफ्तगू के ‘बेकल उत्साही अंक’ की रूपरेखा बताई। कहा, आज से ग्यारह बरस पहले कैलाश गौतम के निर्देशन में वह अंक निकला था तो मैं और अख्तर अजीज बेकल जी के घर बलरामपुर गए थे। नरेश कुमार महरानी ने मुनव्वर राना का लेख पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने कहा था, तकरीबन तीस बरस पहले जब लोग विदेश जाने की कोशिश में लगे रहते थे, बेकल आधी दुनिया घूम चुके थे। दूसरे चरण में हुए मुशायरे में भोलानाथ कुशवाहा, सागर होशियारपुरी, ऋतंधरा मिश्रा, फरमूद इलाहाबादी, डॉ.विनय श्रीवास्तव, अजीत शर्मा ‘आकाश’, अपराजिता, शिबली, डॉ.महेश मनमीत आदि शामिल थे। बाल भारती स्कूल में हुए कार्यक्रम के अंत में प्रभाशंकर शर्मा ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। संचालन शैलेंद्र जय ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed