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एसबीआई में भुगतान के लिए परेशान रहे ग्राहक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2014 11:16 PM IST
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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) मुख्य शाखा के ग्राहकों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। 20 अक्तूबर को मुख्य शाखा के विभाजन के बाद से लगातार एसबीआई में काम प्रभावित हो रहा है। सोमवार को एसबीआई प्रबंधन ने आननफानन में तीनों शाखाओं के पटल अलग करने के साथ कर्मचारियों को भी एक भवन से दूसरे में शिफ्ट कर देने से काम पूरी तरह से ठप हो गया। ग्राहक परेशान रहे कि उनका भुगतान कहां से होगा, बैंक ड्राफ्ट कहां बनेगा, सरकारी काम कहां पूरा होगा, इस बारे में बैंक के अधिकारी भी बताने की स्थिति में नहीं थे।
एसबीआई मुख्य शाखा को 20 अक्तूबर को विभाजित करने के बाद प्रबंधन ने इसको तीन भागों में बांटते हुए त्रिवेणी, सरकारी सेवाएं एवं एनआरआई नाम दे दिया था। तीन भागों में बांटे जाने और बैंक का कोड बदल जाने के बाद ग्राहकों को भुगतान आदि में परेशानी हो रही है। खाते से पैसा ट्रांसफर करके ड्राफ्ट बनवाने में ग्राहकों को सबसे अधिक परेशान होना पड़ रहा है।
बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार 29 नवंबर को बैंक बंद होने के समय उन्हें नहीं पता था कि उनका पटल बदल दिया गया है। सोमवार को बैंक पहुंचने पर पता चला कि उनके कंप्यूटर उठकर दूसरे भवन में चले गए। उनकी सीट दूसरे को आवंटित कर दी गई। ग्राहक जब पर्सनल बैंकिंग के काम से नई बिल्डिंग में पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि अब यहां सरकारी काम होगा। पर्सनल बैंकिंग का काम अब पुराने भवन में होगा। ग्राहक शाम तक काउंटर पर लाइन लगाए काम पूरा होने का इंतजार कर रहे थे।
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एसबीआई मुख्य शाखा को 20 अक्तूबर को विभाजित करने के बाद प्रबंधन ने इसको तीन भागों में बांटते हुए त्रिवेणी, सरकारी सेवाएं एवं एनआरआई नाम दे दिया था। तीन भागों में बांटे जाने और बैंक का कोड बदल जाने के बाद ग्राहकों को भुगतान आदि में परेशानी हो रही है। खाते से पैसा ट्रांसफर करके ड्राफ्ट बनवाने में ग्राहकों को सबसे अधिक परेशान होना पड़ रहा है।
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बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार 29 नवंबर को बैंक बंद होने के समय उन्हें नहीं पता था कि उनका पटल बदल दिया गया है। सोमवार को बैंक पहुंचने पर पता चला कि उनके कंप्यूटर उठकर दूसरे भवन में चले गए। उनकी सीट दूसरे को आवंटित कर दी गई। ग्राहक जब पर्सनल बैंकिंग के काम से नई बिल्डिंग में पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि अब यहां सरकारी काम होगा। पर्सनल बैंकिंग का काम अब पुराने भवन में होगा। ग्राहक शाम तक काउंटर पर लाइन लगाए काम पूरा होने का इंतजार कर रहे थे।
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