फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Sawan 2023: On the last Monday the crowd gathered in the Temple of Shiv

Sawan 2023 : अंतिम सोमवार को भूतभावन के दरबार में लगी भीड़, हर-हर महादेव के जयकारे से वातावरण शिवमय

Mon, 28 Aug 2023 12:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 28 Aug 2023 12:21 PM IST
सार

अंतिम सोमवार को भी मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। सोमवार को सोम प्रदोष का व्रत है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को ही समर्पित है। सावन के सोमवार को यह व्रत पड़ने के कारण महत्व और भी बढ़ गया है। सरस्वती घाट स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भारी भीड़ रही। मंदिर को सुगंधित पुष्पों से सजाया गया है। भोर में पंचामृत स्नान के साथ ही मनकामेश्वर के पट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए।

विज्ञापन
Sawan 2023: On the last Monday the crowd gathered in the Temple of Shiv
हनुमत निकेतन में भगवान शिव की पूजा करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सोम प्रदोष व्रत होने के कारण अंतिम सोमवार का विशेष महत्व रहा। सिविल लाइंस हनुमत निकेतन, मनकामेश्वर मंदिर, सोमेश्वर महादेव मंदिर अरैल, त्रिनेत्र शिव मंदिर कीडगंज, कोटेश्वर महादेव मंदिर शिवकुटी सहित पड़िला महादेव मंदिर फाफामऊ, सुजावन देव मंदिर आदि देवस्थानों पर सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ दिखी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई और घाट पर स्थित शिव मंदिर, राम जानकी मंदिर और देवी मंदिरों सहित बड़े हनुमानजी मंदिर में हाजिरी लगाई। 

विज्ञापन


इस साल शिव पूजन के लिए बेहद खास रहा। 15 दिन सावन के बाद एक माह का पुरुषोत्तम मास और फिर 15 दिन के सावन के चलते दो माह तक पूरा वातावरण भक्तिमय रहा। इस दौरान दो माह तक प्रयागराज के वाराणसी तक हाईवे का एक लेन भी बंद रहा। चार जुलाई को सावन की शुरुआत हुई थी और 31 जुलाई को खत्म हो रहा है। पुरुषोत्तम मास लगने के कारण इस बार आठ सोमवार का सावन मास रहा। दो माह के दौरान मंदिरों में विधिवत रुद्राभिषेक और जलाभिषेक हुए।

विज्ञापन

सोमवरा को सोम प्रदोष का विशेष महात्म्य

Sawan 2023: On the last Monday the crowd gathered in the Temple of Shiv
हनुमत निकेतन सिविल लाइन में भगवान शिव का पूजन करते भक्त। - फोटो : अमर उजाला।

अंतिम सोमवार को भी मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। सोमवार को सोम प्रदोष का व्रत है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को ही समर्पित है। सावन के सोमवार को यह व्रत पड़ने के कारण महत्व और भी बढ़ गया है। सरस्वती घाट स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भारी भीड़ रही। मंदिर को सुगंधित पुष्पों से सजाया गया है। भोर में पंचामृत स्नान के साथ ही मनकामेश्वर के पट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। इसी तरह सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन शिवमंदिर, तक्षकेश्वर नाथ महादेव मंदिर, नागवासुकि मंदिर और दशाश्वमेध ब्रह्मेश्वर मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए भक्तों की कतारें लगी रही। 

भक्तों ने गंगा जल, दुग्ध, पंचामृत, नैवेद्य, बेलपत्र, पुष्प, मिष्ठान्न, भांग, धतूर, चंदन, दही, घृत, ईत्र अर्पण कर भोग लगाया गया। मंदिरों पर शिव स्तुति, शिव तांडव, शिव चालीसा, शिव महिम्न स्त्रोत, रामायण, रामचरित मानस का पाठ हुआ। मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने भी बाबा का जलाभिषेक किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed