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Prayagraj News: खुद को बचाएं या सामान, बेड पर चूहे लगा रहे छलांग
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जिला महिला चिकित्सालय (डफरिन) में मौजूद चूहों ने मरीजों और तीमारदारों की रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। चूहे रात में मरीजों के बेड पर छलांग लगा रहे हैं। मरीजों का कहना है कि डफरिन में चूहे खाने-पीने का सामान गायब कर दे रहे हैं।
सर्जिकल वार्ड हो या इमरजेंसी या फिर एएनसी वार्ड (एंटीनेटल केयर), हर जगह चूहों ने आतंक मचा रखा है। वहीं, मरीजों का कहना है कि यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अस्पताल की महिला कर्मचारियों का कहना है कि चूहों के खौफ से अपने सामान की सुरक्षा के लिए सब रतजगा करते हैं। चूहों का उत्पात, वार्ड में नहीं रुकते तीमारदार
पुराना कटरा निवासी 35 वर्षीय महिला बीती रात एएनसी वार्ड में भर्ती हुई। वहां बड़े-बड़े चूहे थे। यहां पूरी रात चूहों ने आतंक मचाया। चूहों की वजह से रात में वार्ड में किसी तीमारदार को रुकने नहीं दिया जाता है। इसलिए अपने सामान की सुरक्षा के लिए रात में जगना पड़ा।
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शनिवार से एएनसी वार्ड में भर्ती धूमनगंज निवासी 40 वर्षीय मरीज बताती हैं कि पूरी रात चूहों की उछल-कूद ने परेशान कर दिया। जिस वजह से समझ में नहीं आता कि खुद की रक्षा करें या फिर सामान की।
बेड पर कूद जाते हैं चूहे
पिछले दो दिनों से अस्पताल में भर्ती शांतिपुरम निवासी 30 वर्षीय मरीज का कहना है कई बार तो चूहे बेड पर चढ़ जाते हैं। जिस वजह से परेशानी होती है।
हर साल लाखों का होता है टेंडर
342 बेड के डफरिन में हर साल चूहों को भगाने के लिए लाखों का टेंडर होता है। कार्यदायी संस्था को इसकी जिम्मेदारी दी जाती है। मगर डफरिन अस्पताल प्रशासन इस समस्या से आज भी अंजान है।
बोले डॉक्टर
चूहों को भगाने के लिए चूहे दानी, दवा व पैड का इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में मैंने पदभार ग्रहण किया है। अगर वार्ड में चूहे हैं तो उन्हें भगाने के लिए काम किया जाएगा। -डॉ. नूरूस हसन नकवी, सीएमएस जिला महिला चिकित्सालय।
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सर्जिकल वार्ड हो या इमरजेंसी या फिर एएनसी वार्ड (एंटीनेटल केयर), हर जगह चूहों ने आतंक मचा रखा है। वहीं, मरीजों का कहना है कि यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अस्पताल की महिला कर्मचारियों का कहना है कि चूहों के खौफ से अपने सामान की सुरक्षा के लिए सब रतजगा करते हैं। चूहों का उत्पात, वार्ड में नहीं रुकते तीमारदार
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पुराना कटरा निवासी 35 वर्षीय महिला बीती रात एएनसी वार्ड में भर्ती हुई। वहां बड़े-बड़े चूहे थे। यहां पूरी रात चूहों ने आतंक मचाया। चूहों की वजह से रात में वार्ड में किसी तीमारदार को रुकने नहीं दिया जाता है। इसलिए अपने सामान की सुरक्षा के लिए रात में जगना पड़ा।
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शनिवार से एएनसी वार्ड में भर्ती धूमनगंज निवासी 40 वर्षीय मरीज बताती हैं कि पूरी रात चूहों की उछल-कूद ने परेशान कर दिया। जिस वजह से समझ में नहीं आता कि खुद की रक्षा करें या फिर सामान की।
बेड पर कूद जाते हैं चूहे
पिछले दो दिनों से अस्पताल में भर्ती शांतिपुरम निवासी 30 वर्षीय मरीज का कहना है कई बार तो चूहे बेड पर चढ़ जाते हैं। जिस वजह से परेशानी होती है।
हर साल लाखों का होता है टेंडर
342 बेड के डफरिन में हर साल चूहों को भगाने के लिए लाखों का टेंडर होता है। कार्यदायी संस्था को इसकी जिम्मेदारी दी जाती है। मगर डफरिन अस्पताल प्रशासन इस समस्या से आज भी अंजान है।
बोले डॉक्टर
चूहों को भगाने के लिए चूहे दानी, दवा व पैड का इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में मैंने पदभार ग्रहण किया है। अगर वार्ड में चूहे हैं तो उन्हें भगाने के लिए काम किया जाएगा। -डॉ. नूरूस हसन नकवी, सीएमएस जिला महिला चिकित्सालय।