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अनामिका प्रकरण में सरिता नामजद, पुलिस ने कानपुर देहात स्थित घर पर छापा मारने के बाद की कार्रवाई

Thu, 25 Jun 2020 12:05 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 25 Jun 2020 12:05 AM IST
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Sarita was named in the Anamika episode
शिक्षिका अनामिका शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
सोरांव के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली सरिता यादव को पुलिस ने एफआईआर में नामजद कर लिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि सरिता के गांव में उसकी फोटो की तस्दीक होने के बाद उसे अनामिका वाली एफआईआर में सरिता को नामजद कर लिया। इसके साथ ही अब उसे नौकरी दिलाने वाले पुष्पेंद्र और आनंद को भी नामजद किया जाएगा। सरिता की तलाश में पुलिस की एक टीम को दोबारा कानपुर देहात भेजा गया है।
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अनामिका प्रकरण की जांच कर रहे इंस्पेक्टर कर्नलगंज एके त्यागी ने बताया कथित अनामिका की फोटो पुलिस कानपुर देहात स्थित चंदनपुर गांव पहुंची तो तो सरिता यादव के घर में ताला लगा था। ग्राम प्रधान तथा अन्य ग्रामीणों ने बताया फोटो सरिता यादव की ही है। जांच में पता चला एसटीएफ ने जौनपुर से जिस आनंद सिंह को गिरफ्तार किया था, सरिता उसी की रिश्तेदार है। उसने न सिर्फ सरिता की नौकरी लगाई बल्कि उसकी भाभी बबली तथा चचेरी बहन और भाई की भी नौकरी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगवा दी थी।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक की जांच से साफ हो गया है की आनंद सिंह और पुष्पेंद्र सिंह की मदद से ही इलाहाबाद की कथित अनामिका सरिता यादव ने नौकरी पाई थी। यहां की एफआईआर में भी पुष्पेंद्र और आनंद सिंह को आरोपी बनाया जाएगा। फिलहाल पुलिस सविता को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। पुलिस की एक टीम कानपुर देहात फिर भेजी गई है। उसके कुछ रिश्तेदारों के बारे में पता चला है कि वह उनके यहां हो सकती है। पुलिस की टीम रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही है।
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 वेरिफिकेशन करने वाले अफसर से भी होगी पूछताछ

अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली सविता यादव को सिर्फ फोटो स्टेट के आधार पर नौकरी दे दी गई। अधिकारियों ने फोटोस्टेट दस्तावेज का वेरिफिकेशन बिना ओरिजिनल दस्तावेजों को देखे कर दिया। इंस्पेक्टर कर्नलगंज एके त्यागी ने बताया कि जिस अफसर ने फोटो स्टेट दस्तावेजों के आधार पर अंक पत्रों को वैरीफाई किया, उससे भी पूछताछ होगी।
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