खुलासाः सराफ को गोली मारकर लूट करने वाला गिरफ्तार
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नवाबगंज पुलिस ने पिछले महीने एक सराफ को गोली मारकर लूट करने वाले बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पिस्टल, टवेरा और अपाचे गाड़ी के साथ लूट का सामान भी बरामद हुआ है। पुलिस ने उसके साथ ही चोरी की दो घटनाओं का खुलासा करते हुए चार और चोरों को गिरफ्तार कर लिया। नवाबगंज के आनापुर में 17 जनवरी को सराफ नकुल सोनी अपने भाई के साथ दुकान बंद कर घर जा रहा था। शाम को दो बदमाशों ने नकुल को गोली मारकर उसके पास से आभूषणों से भरा बैग छीन लिया था। इंस्पेक्टर शिशुपाल ने बताया कि शातिर अपराधी घनश्याम कहार को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया।
उसने संदीप मिश्रा के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। संदीप को वांटेड किया गया है। घनश्याम पर अलग 17 संगीन मामले दर्ज हैं। उसके पास से पिस्टल, टवेरा और अपाचे गाड़ी भी बरामद हुई है। पुलिस ने इसके साथ ही चोरों के एक गिरोह को पकड़ा है। बाघराय प्रतापगढ़ के जीतेंद्र यादव, मोनू यादव, धर्मेंद्र कुमार और प्रदीप दुबे को चोरी के सामानों के साथ गिरफ्तार किया है। उन लोगों ने प्रयागराज के साथ प्रतापगढ़ और जौनपुर जिलों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
मैनेजर को लूटने वालों में शामिल थे अस्पताल कर्मी
एक नर्सिंग होम के मैनेजर से 2.40 लाख रुपये लूटने की साजिश उसी अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर रची थी। तीन बदमाशों के पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद पूरा राजफाश हो गया हालांकि पुलिस महज 9600 रुपये ही बरामद कर सकी है। शेष रकम अभी भी दो फरार बदमाशों के पास होने की संभावना जताई जा रही।सरस्वती हार्ट केयर के मैनेजर संजीव गोयल से 13 फरवरी को बाम्बे गेस्ट हाउस के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने तमंचा दिखाकर 2.40 लाख रुपये लूट लिए थे। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की तब वहां बदमाशों का जूता एवं एक बाइक मिली।
इसी के सहारे पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। पड़ताल के दौरान अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। पुलिस ने उन पर निगाह रखनी शुरू की। मंगलवार शाम ऋषभ शुक्ला निवासी मालवीय नगर, ईशू यादव निवासी शीशमहल, मुठ्ठीगंज, दीपक भारतीय निवासी फूलपुर को टैगौर टाउन स्थित एलआईसी कॉलोनी से उठा लिया। पूछताछ में इन तीनों ने वारदात में शामिल होने की बात कुबूली। इंस्पेक्टर निशिकांत प्रधान के मुताबिक ऋषभ एवं दीपक इसी अस्पताल में काम करते थे। उनका एक साथी शुभम भी इसी अस्पताल में एंबुलेंस चलाता है। शुभम ने ही लूट की साजिश रची। 13 तारीख को जब पैसा जमा करने के लिए संजीव बाहर निकला तभी दीपक ने ऋषभ को इसकी जानकारी दी।