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संत सम्मेलन आज, योगी, केशव करेंगे शिरकत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 19 Jan 2018 02:01 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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2013 में देश के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम तय करने वाले संत शुक्रवार को अयोध्या में राममंदिर निर्माण का कार्य आरंभ करने की तिथि तय करेंगे। संतों का यह मंथन सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में होगा। अवसर होगा विश्व हिंदू परिषद के माघ मेला शिविर में आयोजित संत सम्मेलन का। यह मौका इसलिए भी और खास होने जा रहा है कि केंद्र और राज्य दोनोें में ही भाजपा सरकार है। ऐसे में संतों को भी उम्मीद है कि इस सम्मेलन में जो भी प्रस्ताव रखेंगे उसे केंद्र और राज्य सरकार गंभीरता से लेगी।
माघ मेला क्षेत्र के परेड ग्राउंड मैदान में पिछले कई दिनों से संत सम्मेलन की तैयारी चल रही है। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय भी पिछले दो दिनों से संत सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। संत सम्मेलन में इस बार अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, गंगा और गोरक्षा आदि विषयों पर तमाम संत मंथन करेंगे। संतों की इच्छा है गंगा की धारा सिर्फ पर्वों और धार्मिक आयोजनों पर ही नहीं, बल्कि हमेशा ही अविरल ओर निर्मल रहे। इसके अलावा अयोध्या में राममंदिर निर्माण कब से शुरू हो उस पर राज्य सरकार एक निश्चित समय अवधि निर्धारित करे।
दरअसल वर्ष 2019 में कुंभ मेले के बाद ही लोकसभा चुनाव संभावित है। ऐसे में संत चाहते हैं कि चुनाव पूर्व ही राममंदिर का निर्माण शुरू हो जाए। सम्मेलन में गोशालाएं बनवाने और उसका बेहतर रखरखाव करने के साथ ही हिंदू धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर भी संत अपनी बात रख सकते हैं। इस दौरान पिछले साल नवंबर माह में कर्नाटक के उड्डपी में 24 से 26 नवंबर तक हुई विहिप की धर्मसंसद में पारित प्रस्ताव पर भी मुहर लगने की उम्मीद है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे मठ मंदिर जहां सरकार अपना अधिग्रहण कर चुकी है उसे वापस ट्रस्ट को दिया जाए। सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकरीबन डेढ़ घंटे तक रहेंगे।
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श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का मानना है कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण में अब देरी नहीं होनी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार इस मामले में अपना उचित मार्गदर्शन करे। सम्मेलन में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, मौनी बाबा, महंत नृत्य गोपाल दास आदि के साथ कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सिद्धार्थ नाथ सिंह, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी भी शिरकत करेंगी।
विहिप के शिविर में संत सम्मेलन का पूरा पंडाल भगवा बनाया गया है। बृहस्पतिवार को सीएम योगी एवं अन्य गणमान्य लोगों के बैठने के लिए बनाए गए मंच के सामने इविवि के बीएफए के छात्र-छात्राओं ने कुंभ-2018 का एक बड़ा लोगो भी बनाया। सम्मेलन में पांच हजार कुर्सियां भी एक दिन पहले ही लगा दी गईं। इस दौरान विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय, संगठन महामंत्री दिनेश, पूर्व सांसद चिन्मयानंद, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश आदि दिन भर तैयारियों का जायजा लेते रहे।
संत सम्मेलन में सुरक्षा के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तैनात किया जा रहा है। विहिप प्रवक्ता अश्विनी मिश्र ने बताया कि प्रवेश के लिए कुल तीन गेट बनाए गए हैं। यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी बजरंग दल के कार्यकर्ता निभाएंगे। उधर, मेला क्षेत्र में विहिप कार्यकर्ताओं द्वारा दो हजार से ज्यादा भगवा ध्वज तमाम स्थानों पर बृहस्पतिवार को लगाए गए।
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माघ मेला क्षेत्र के परेड ग्राउंड मैदान में पिछले कई दिनों से संत सम्मेलन की तैयारी चल रही है। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय भी पिछले दो दिनों से संत सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। संत सम्मेलन में इस बार अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, गंगा और गोरक्षा आदि विषयों पर तमाम संत मंथन करेंगे। संतों की इच्छा है गंगा की धारा सिर्फ पर्वों और धार्मिक आयोजनों पर ही नहीं, बल्कि हमेशा ही अविरल ओर निर्मल रहे। इसके अलावा अयोध्या में राममंदिर निर्माण कब से शुरू हो उस पर राज्य सरकार एक निश्चित समय अवधि निर्धारित करे।
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दरअसल वर्ष 2019 में कुंभ मेले के बाद ही लोकसभा चुनाव संभावित है। ऐसे में संत चाहते हैं कि चुनाव पूर्व ही राममंदिर का निर्माण शुरू हो जाए। सम्मेलन में गोशालाएं बनवाने और उसका बेहतर रखरखाव करने के साथ ही हिंदू धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर भी संत अपनी बात रख सकते हैं। इस दौरान पिछले साल नवंबर माह में कर्नाटक के उड्डपी में 24 से 26 नवंबर तक हुई विहिप की धर्मसंसद में पारित प्रस्ताव पर भी मुहर लगने की उम्मीद है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे मठ मंदिर जहां सरकार अपना अधिग्रहण कर चुकी है उसे वापस ट्रस्ट को दिया जाए। सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकरीबन डेढ़ घंटे तक रहेंगे।
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श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का मानना है कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण में अब देरी नहीं होनी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार इस मामले में अपना उचित मार्गदर्शन करे। सम्मेलन में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, मौनी बाबा, महंत नृत्य गोपाल दास आदि के साथ कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सिद्धार्थ नाथ सिंह, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी भी शिरकत करेंगी।
विहिप के शिविर में संत सम्मेलन का पूरा पंडाल भगवा बनाया गया है। बृहस्पतिवार को सीएम योगी एवं अन्य गणमान्य लोगों के बैठने के लिए बनाए गए मंच के सामने इविवि के बीएफए के छात्र-छात्राओं ने कुंभ-2018 का एक बड़ा लोगो भी बनाया। सम्मेलन में पांच हजार कुर्सियां भी एक दिन पहले ही लगा दी गईं। इस दौरान विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय, संगठन महामंत्री दिनेश, पूर्व सांसद चिन्मयानंद, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश आदि दिन भर तैयारियों का जायजा लेते रहे।
संत सम्मेलन में सुरक्षा के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तैनात किया जा रहा है। विहिप प्रवक्ता अश्विनी मिश्र ने बताया कि प्रवेश के लिए कुल तीन गेट बनाए गए हैं। यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी बजरंग दल के कार्यकर्ता निभाएंगे। उधर, मेला क्षेत्र में विहिप कार्यकर्ताओं द्वारा दो हजार से ज्यादा भगवा ध्वज तमाम स्थानों पर बृहस्पतिवार को लगाए गए।