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संजय दत्त की ननिहाल की चमकेगी किस्मत

Mon, 11 Jun 2018 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 11 Jun 2018 01:20 AM IST
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Sanjay Dutt's Nishihal will shine fate
Sanjay Dutt
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर मशहूर फिल्म अभिनेता संजय दत्त उर्फ संजू बाबा ने अपने ननिहाल मेजा के चिलबिला गांव को गोद लेने की इच्छा जताई है। इसकी जानकारी जैसे ही चिलबिला गांव के लोगों को हुई तो वे खुशी से झूम उठे। ननिहाल के लोगों का कहना है कि अगर, गांव को गोद लेंगे तो निश्चित रूप से गांव का चतुष्कोणीय विकास होगा।
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बता दें कि फिल्म अभिनेता संजय दत्त का चिलबिला में ननिहाल है। संजय दत्त की मां नरगिस मोहन बाबू और जद्दन की बेटी थीं। गांव के 95 वर्षीय आशिक अली बताते हैं कि 8-10 बरस की उम्र में ही नरगिस को मोहन बाबू मुंबई लेकर चले गए थे। करीब 25 वर्ष की उम्र में नरगिस यहां चिलबिला गांव आई थीं। इस खुशी में गांव के लोग जलसा आयोजित कर उनका स्वागत किया था। उस समय नरगिस फिल्मी दुनिया में जा चुकी थीं। गांव के पूर्व प्रधान इसरार अली उर्फ गुड्डू खां बताते हैं कि पिछले पंचवर्षीय में प्रधान होने के दौरान गांव के  विकास के लिए ज्यादातर काम किया था। गरीबों को हक दिलाया गया था। वहीं वर्तमान प्रधान कमला प्रसाद ने बताया कि अगर, संजय दत्त गांव को गोद लेते हैं तो गांव में हो रहे विकास कार्य को गति मिल जाएगी।  गांव के शरीफुन (80), तुफैल अली (70), बिसमिल्ला (84), बरकत अली (75), काशीम अली (72), मंसब अली (68) ने बताया कि काफी दिनों से आस थी कि संजय दत्त जरूर गांव के बारे में ध्यान देंगे सो आज सामने आ गया। गांव में खुशी का माहौल है। गांव में रविवार को मिठाई भी बांटी गई। बच्चे, बूढ़े और जवानों में भी जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला।  
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विकास खंड उरुवा का चिलिबिला गांव अब मूलभूत सुविधाओं से आबाद होगा। गांव में नालियां बजबजा रही हैं। गांव की सड़कें सिकुड़ी और जर्जर पड़ी हैं। गांव में स्कूल जरूर हैं, लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया जाता है जिससे नन्हें-मुन्ने बच्चे स्कूल जाने से वंचित हो जा रहे हैं। गांव के फरीद, बुद्दा, गुड़िया, रामू की उम्र बमुश्किल आठ से दस वर्ष है लेकिन ये बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता नहीं फैलाई गई है, जिससे शिक्षा का स्तर उठ नहीं पा रहा है।
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जिस गांव को गोद लेने की बात फिल्म अभिनेता संजय दत्त कर रहे हैं उस गांव में पिछले पंचवर्षीय में आपस में चंदा लाकर बनवाए गए करबला तक पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है। गांव के पूर्व प्रधान गुड्डू खां ने कई बार रास्ते की मांग को लेकर शासन-प्रशासन का दरवाजा खटखटाया लेकिन कुछ नहीं किया गया। इससे वे बेहद क्षुब्ध हैं।
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