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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Sandhya and Riya's visit to Japan is like a dream come true, girl students study in Kasturba Gandhi Vidyalaya.

उपलब्धि : सपना सच होने जैसा है संध्या और रिया के जापान का दाैरा, कस्तूरबा गांधी विद्यालय में पढ़ती हैं छात्राए

Sat, 03 Aug 2024 06:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 03 Aug 2024 06:30 PM IST
सार

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बहरिया प्रयागराज में 10वीं की छात्रा संध्या सरोज और कस्तूबरा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज सड़वा चंद्रिका प्रतापगढ़ की 11वीं की छात्रा रिया पटेल का चयन जापान के सकूरा साइंस हाईस्कूल प्रोग्राम के लिए हुआ है। मऊआइमा ब्लाक के गांव सुल्तानपुर खास की रहने वाली संध्या के पिता प्रेमचंद्र किसान हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

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Sandhya and Riya's visit to Japan is like a dream come true, girl students study in Kasturba Gandhi Vidyalaya.
रिया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

किसानों की बेटियां संध्या और रिया के लिए जापान का शैक्षिक भ्रमण सपना सच होने जैसा है। अब तक अपने जिले से बाहर का भ्रमण न कर पाई इन बेटियों को जापान का दाैरा करने का माैका मिला है। इसकी उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी। अब 10 से 16 नवंबर तक होने वाले जापान दाैरे को लेकर वह उत्साहित हैं। इसके जरिए उन्हें बहुत कुछ सीखने और समझने को अवसर मिलेगा।

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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बहरिया प्रयागराज में 10वीं की छात्रा संध्या सरोज और कस्तूबरा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज सड़वा चंद्रिका प्रतापगढ़ की 11वीं की छात्रा रिया पटेल का चयन जापान के सकूरा साइंस हाईस्कूल प्रोग्राम के लिए हुआ है। मऊआइमा ब्लाक के गांव सुल्तानपुर खास की रहने वाली संध्या के पिता प्रेमचंद्र किसान हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

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ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी 15 वर्ष की संध्या ने की विज्ञान में विशेष रुचि है। वह छठवीं से अब तक टाॅपर है। सकूरा साइंस प्रोग्राम के लिए चयन हुआ तो खुशी का ठिकाना न रहा। बोली, इसकी कभी उम्मीद नहीं की थी। हमने सुना है, तकनीक के मामले में जापान भारत से आगे है। वहां जाकर उसकी झलक देखने को मिलेगी। वहां के वैज्ञानिकों और विज्ञान का प्रयोग देखने को मिलेगा। वह मेरे जीवन के लिए विशेष क्षण होगा। उसका लक्ष्य आईपीएस बनना है। वहीं गरीबी में पली बढ़ी रिया के लिए यह दाैरा बड़ा अवसर लाया है।
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बचपन में ही पिता का साया सिर से छिन गया था। ट्रक ड्राइवर पिता शेर बहादुर पटेल की इंदौर मप्र में हुए सड़क में मौत हो गई थी। मां गुंजन दूसरों के खेतों में मजदूरी करके बच्चों को पढ़ा रही है। अंतू थानाक्षेत्र के भवानीपुर गांव में मिश्ररौली की रहने वाली वाली रिया बताती हैं कि बचपन से ही पढ़ने का शौक है। प्रधानाचार्य मीरा यादव ने उन्हें जापान में होने साइंस कार्यक्रम के बारे में बताया। अब चयन हुआ तो जाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहां के बारे में तमाम बातें सुनी थी। अब वह सब अपनी आंखों से देखने का माैका मिलेगा।

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