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संतों ने कहा, मठ, मंदिरों को भी मिले मदद

Sun, 12 Aug 2018 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 12 Aug 2018 01:32 AM IST
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Saints said, help to get monastery, temples too
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अखाड़ों की तर्ज पर संगमनगरी के मठ, मंदिरों, आश्रमों के संतों-महंतों ने भी कुंभ पर्व के मद्देनजर मठ, मंदिरों के जीर्णोद्धार और वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार से पुरजोर मांग की है। संतों ने दो टूक कहा है कि मठ, मंदिरों, आश्रमों को भी आर्थिक मदद और सुविधाएं दी जानी चाहिए क्योंकि यहां होने वाले आयोजनों में शामिल होने और ठहरने को बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
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झूंसी स्थित टीकरमाफी आश्रम में शनिवार को हुई संतों की बैठक में तय किया गया कि सात सूत्रीय मांगों के संदर्भ में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मिलकर मांग की जाएगी। चर्चा के बाद कुंभ मेला प्रशासन व सरकार से वार्ता के लिए सर्वसम्मति से प्रतिनिधिमंडल का गठन भी किया गया। अध्यक्ष स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा, कुंभपर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मठ, मंदिरों, आश्रमों को भी आवश्यक सुविधाएं मिलनी ही चाहिए।
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प्रांत सधर्माचार्य प्रमुख विहिप शंकरदेव ने ने कहा, सरकार तक संतों का संदेश पहुंचा दिया गया है, उम्मीद है सार्थक परिणाम मिले। महंत श्याम दास ने सभी संतों के प्रति आभार जताया। बैठक में पुरुषोत्तमाचार्य, तपस्वी आश्रम अरैल के श्यामदास, झाड़ू बाबा, भूषण दास, व्यास नारायणाचार्य, विमलेशाचार्य, धीरेंद्र ब्रह्मचारी, रामानंद दास सहित झूंसी, अरैल, दारागंज के मठ-मंदिरों से जुड़े संत-महंत शामिल थे।
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0 प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु
संतों की मांग में आवासीय कक्षों को सीलनमुक्त करना, शौचालय, यात्री निवास, संत निवास, भोजनालय, सोलर पैनल, शुद्ध पेयजल के लिए आरओ एवं सफाई के लिए सफाईकर्मी की नियुक्ति जैसे मुद्दे शामिल हैं।

0 प्रतिनिधिमंडल के सदस्य
कुंभपर्व के विषयों के बारे में वार्ता के लिए गठित प्रतिनिधिमंडल में स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी, महंत श्याम दास, स्वामी गोपालदास, स्वामी रामेश्वराचार्य, स्वामी रामरतन दास,स्वामी बृजकिशोर दास, स्वामी श्रीधराचार्य, स्वामी घनश्याम आचार्य, स्वामी श्यामानंद गिरि, एवं विहिप के प्रांत सधर्माचार्य प्रमुख शंकरदेव शामिल हैं।
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