फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Sachin, who held the commissioner's chair for 10 minutes, lost the battle of his life due to cancer.

Prayagraj : 10 मिनट के लिए कमिश्नर की कुर्सी संभालने वाला सचिन कैंसर से जिंदगी की जंग हारा

Wed, 21 Aug 2024 06:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 21 Aug 2024 06:19 PM IST
सार

चिकित्सकों ने बताया कि सचिन का कैंसर उसके फेफड़े तक फैल गया था। जिससे उसके पेट में पानी भर चुका था। धरा बारा निवासी सचिन का इलाज पहले कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल और फिर एसआरएन अस्पताल में 2023 से चल रहा था।

विज्ञापन
Sachin, who held the commissioner's chair for 10 minutes, lost the battle of his life due to cancer.
कैंसर पीड़ित सचिन प्रजापति को कुछ देर के लिए प्रयागराज का कमिश्नर बनाया गया था। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पेशाब की नली में कैंसर से पीड़ित 10 वर्षीय सचिन प्रजापति की मंगलवार को स्वरूप रानी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे शनिवार को यूरिन पास न होने की शिकायत के बाद एसआरएन के 14 नंबर वार्ड में भर्ती किया गया था। मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे सचिन ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। मौत के बाद सचिन के पिता रामधनी और मां रामसखी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

विज्ञापन


चिकित्सकों ने बताया कि सचिन का कैंसर उसके फेफड़े तक फैल गया था। जिससे उसके पेट में पानी भर चुका था। धरा बारा निवासी सचिन का इलाज पहले कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल और फिर एसआरएन अस्पताल में 2023 से चल रहा था। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बीती 15 जुलाई को सचिन की आखिरी इच्छा पूरी करते हुए उसे अपनी कुर्सी सौंप दी थी। 10 मिनट के दौरान सचिन ने बतौर मंडलायुक्त कई आदेश भी दिए थे। जिसके बाद ने सचिन के बेहतर इलाज का आदेश दिया था।
विज्ञापन


इस दौरान एसआरएन अस्पताल के कैंसर रेडियोथेरेपी विभाग में डॉ. देव कुमार की देखरेख में सचिन का इलाज चल रहा था। सचिन को कीमो थेरेपी के लिए अस्पताल अलग-अलग तिथि को बुलाया जा रहा था। शनिवार को यूरिन पास न होने की शिकायत के चलते उसे एसआरएन के 14 नंबर वार्ड में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की कोशिश थी, कि उसकी सर्जरी का खतरे से बचा लिया जाए। लेकिन, संक्रमण फैलने की वजह से सर्जरी को टालना पड़ा। उसकी जान बचाने के लिए कई संगठन व समाजसेवियों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए थे। सचिन के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बुधवार को उसके पैतृक गांव धरा बरा में किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed