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अटाला में बवाल मामला : दंगे भड़काने के चार अभियुक्तों की जमानत खारिज
Thu, 14 Jul 2022 12:49 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 14 Jul 2022 12:49 AM IST
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जिला न्यायालय ने अटाला में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के चार आरोपियों आरिफ अली, फरहान अहदम, सद्दाम व इमरान की जमानत अर्जी बुधवार को खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि याचियों के अपराध गंभीर है। इसलिए वे जमानत पाने के अधिकारी नहीं है। यह आदेश यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने अभियुक्तों के अधिवक्तागण एवं सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह बिसेन के तर्कों को सुनकर दिया।
याचियों पर सांप्रदायिक दंगा भड़काने, विस्फोट करने, आगजनी, पथराव करा सरकारी संपत्ति की क्षति करने के आरोप में खुल्दाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मुकदमा वादी दीन दयाल सिंह ने आरोप लगाया है कि इन आरोपियों नेजुमे की नमाज के बाद हजारों लोगों की भीड़ को दंगे करने के लिए भड़का दिया। उग्र भीड़ ने पुलिस एवं राहगीरों के पर पत्थर, बम, गोली एवं विस्फोटक पदार्थ फेंके और सरकारी गाड़ियों को आग लगा दी।
पुलिस के शस्त्र लूटने की भी कोशिश की गई। आरोपियों ने अपने आप को निर्दोष बताते हुए तर्क दिया कि इन्हें रंजिशन फंसाया गया है। जबकि अभियोजन ने विरोध में तर्क दिया कि उक्त आरोपियों के विरुद्ध संकलित साक्ष्य उपलब्ध हैं। मामले के तथ्यों एवं अपराध की गंभीरता को देखकर अदालत ने उक्त चारों आरोपियों की जमानत खारिज कर दी।
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याचियों पर सांप्रदायिक दंगा भड़काने, विस्फोट करने, आगजनी, पथराव करा सरकारी संपत्ति की क्षति करने के आरोप में खुल्दाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मुकदमा वादी दीन दयाल सिंह ने आरोप लगाया है कि इन आरोपियों नेजुमे की नमाज के बाद हजारों लोगों की भीड़ को दंगे करने के लिए भड़का दिया। उग्र भीड़ ने पुलिस एवं राहगीरों के पर पत्थर, बम, गोली एवं विस्फोटक पदार्थ फेंके और सरकारी गाड़ियों को आग लगा दी।
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पुलिस के शस्त्र लूटने की भी कोशिश की गई। आरोपियों ने अपने आप को निर्दोष बताते हुए तर्क दिया कि इन्हें रंजिशन फंसाया गया है। जबकि अभियोजन ने विरोध में तर्क दिया कि उक्त आरोपियों के विरुद्ध संकलित साक्ष्य उपलब्ध हैं। मामले के तथ्यों एवं अपराध की गंभीरता को देखकर अदालत ने उक्त चारों आरोपियों की जमानत खारिज कर दी।
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