संघ सरकार्यवाह ने कहा : सब पर लागू होने वाली जनसंख्या नीति का देश में हो निर्धारण
सरकार्यवाह ने कहा कि इस विषय पर समग्रता से एवं एकाग्रता से विचार करके सब पर लागू होने वाली जनसंख्या नीति बनानी चाहिए। विगत 40-50 वर्षों से जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देने के कारण प्रत्येक परिवार की औसत जनसंख्या 3.4 से कम होकर 1.9 हो गई है।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रयागराज में संपन्न हुई अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में जनसंख्या असंतुुलन कोे गंभीर माना गया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनसंख्या नीति के निर्धारण की बात कही गई। बुधवार को संवाददाताओं से गौहनिया के वात्सल्य परिसर में मुखातिब संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि देश में जनसंख्या विस्फोट चिंताजनक है।
सरकार्यवाह ने कहा कि इस विषय पर समग्रता से एवं एकाग्रता से विचार करके सब पर लागू होने वाली जनसंख्या नीति बनानी चाहिए। विगत 40-50 वर्षों से जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देने के कारण प्रत्येक परिवार की औसत जनसंख्या 3.4 से कम होकर 1.9 हो गई है। इसके चलते भारत में एक समय ऐसा आएगा, जब युवाओं की जनसंख्या कम हो जाएगी और वृद्ध लोगों की आबादी अधिक होगी, यह चिंताजनक है। वर्तमान में चीन और जापान इस समस्या को झेल भी रहे हैं। भारत युवाओं का देश है। देश को युवा देश बनाए रखने के लिए जनसंख्या को संतुलित रखना होगा।
वहीं मतांतरण और बाहरी घुसपैठ जैसे दुष्चक्र के कारण देश में हिंदुओं की संख्या कम हो रही है। सरकार्यवाह ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन के कारण कई देशों में विभाजन की नौबत आई है। भारत का विभाजन भी जनसंख्या असंतुलन के कारण हो चुका है।
पूर्वोत्तर राज्यों में ‘मैं भी हिंदू हूं’ का बोध हुआ विकसित
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय समुदाय के लोगों में भी स्वाभिमान जागरण के कारण ‘मैं भी हिंदू हूं’ का बोध विकसित हुआ है। ये लोग अब संघ से भी जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि मेघालय और त्रिपुरा राज्य के जनजाति समुदाय के लोग संघ के सरसंघचालक को भी इस बोध के साथ आमंत्रित करने लगे हैं।
2024 तक सभी मंडल शाखा युक्त होंगे
0 सरकार्यवाह ने बताया कि वर्ष 2024 केे अंत तक देश के सभी मंडलों में शाखा पहुंचने की योजना बनाई है। कुछ प्रांतों में यह कार्य चुनिंदा मंडलों में 99 प्रतिशत तक हो गया है। राजस्थान के चित्तौड़, यूपी के ब्रज एवं केरल प्रांत में मंडल स्तर तक शाखाएं खुल गई हैं। सरकार्यवाह ने बताया कि पहले देश में 54,382 संघ की शाखाएं थीं, वर्तमान में 61045 शाखाएं लग रही हैं। साप्ताहिक मिलन में भी 4000 और मासिक संघ मंडली में विगत एक वर्ष में 1800 की बढ़ोत्तरी हुई है।
एक वर्ष में निकले तीन हजार शताब्दी विस्तारक
दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि वर्ष 2025 में संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। देशभर में तीन हजार युवक शताब्दी विस्तारक के नाते निकले हैं। अभी एक हजार शताब्दी विस्तारक और निकलने हैं।
सामाजिक विषयों पर भी हुई चर्चा
दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि संगमनगरी में आयोजित संघ की कार्यकारी मंडल की बैठक में जनसंख्या असंतुलन, महिला सहभागिता, मतांतरण और आर्थिक स्वावलंबन जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संघ कार्यों को विस्तार प्रदान करने की विस्तृत कार्ययोजना के संबंध में भी विचार मंथन हुआ।
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