{"_id":"61c0a93942afb85cd6383e97","slug":"roof-of-the-old-building-of-the-nagar-nigam-prayagraj-collapsed","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज : नगर निगम की डेढ़ सौ साल पुरानी इमारत की गिरी छत, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज : नगर निगम की डेढ़ सौ साल पुरानी इमारत की गिरी छत, मचा हड़कंप
Mon, 20 Dec 2021 09:33 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 20 Dec 2021 09:33 PM IST
सार
नगर निगम के मुख्य इमारत में ही नीचे की ओर लेखा विभाग का कार्यालय है। रविवार की शाम चीफ फाइनेंस आफिसर भी अपने ही विभाग में थे। शाम को वह कार्यालय बंद कराकर घर चले गए। रात करीब 8 बजे विभाग की छत अचानक से नीचे गिर पड़ी।
विज्ञापन
Prayagraj News : नगर निगम के लेखा विभाग की छत अचानक गिर गई।
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नगर निगम प्रयागराज की डेढ़ सौ साल पुरानी इमारत में चल रहे लेखा विभाग की छत रविवार की देर शाम अचानक गिर गई। विभाग के कमरे की छत गिरने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद सोमवार को महौपार समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घटना स्थल का निरीक्षण किया। लेखा विभाग में 6 कर्मचारी तैनात है। ऐसे में अगर हादसा दिन में होता है, तो कई कर्मचारियों की जान जा सकती थी।
विज्ञापन
नगर निगम के मुख्य इमारत में ही नीचे की ओर लेखा विभाग का कार्यालय है। रविवार की शाम चीफ फाइनेंस आफिसर भी अपने ही विभाग में थे। शाम को वह कार्यालय बंद कराकर घर चले गए। रात करीब 8 बजे विभाग की छत अचानक से नीचे गिर पड़ी। छत गिरने की तेज आवाज सुनकर निगम में मौजूद कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने घटना की सूचना अधिकारियों को दी।
विज्ञापन
Prayagraj News : नगर निगम के लेखा विभाग की छत अचानक गिर गई।
- फोटो : प्रयागराज
महापौर ने किया घटना स्थल का निरीक्षण
सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए। रात में ही घटना की सूचना महापौर को भी दे दी गई। सुबह होते ही अधिकारी और महापौर मौके पर पहुंच गई और घटना स्थल का निरीक्षण किया। विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि इमारत का निर्माण करीब 1864 में हुआ था। लेखा विभाग में 6 कर्मचारी बैठते है। जिसमें दो महिला कर्मचारी भी है। विभाग में ही रिकार्ड भी रखे जाते है।
जिससे दिन भर बड़ी संख्या में कर्मचारियों व अन्य लोगों का आना जाना होता है। वही विभाग की छत पर लोग ठंड के कारण धूप लेने के लिए भी बैठते है। ऐसे में अगर हादसा दिन में होता तो बड़ी संख्या में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। उधर महापौर ने बताया कि घटना रात की है, इसलिए कोई हताहत नहीं है। कमरे में फाइलें रखी हुई थी, उन्हें शिफ्ट कराया जा रहा है। निगम के भवन के कई हिस्सों में मरम्मत का कार्य भी चल रहा है। हो सकता है, उसी के प्रेसर से छत गिरी हो।
सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए। रात में ही घटना की सूचना महापौर को भी दे दी गई। सुबह होते ही अधिकारी और महापौर मौके पर पहुंच गई और घटना स्थल का निरीक्षण किया। विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि इमारत का निर्माण करीब 1864 में हुआ था। लेखा विभाग में 6 कर्मचारी बैठते है। जिसमें दो महिला कर्मचारी भी है। विभाग में ही रिकार्ड भी रखे जाते है।
जिससे दिन भर बड़ी संख्या में कर्मचारियों व अन्य लोगों का आना जाना होता है। वही विभाग की छत पर लोग ठंड के कारण धूप लेने के लिए भी बैठते है। ऐसे में अगर हादसा दिन में होता तो बड़ी संख्या में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। उधर महापौर ने बताया कि घटना रात की है, इसलिए कोई हताहत नहीं है। कमरे में फाइलें रखी हुई थी, उन्हें शिफ्ट कराया जा रहा है। निगम के भवन के कई हिस्सों में मरम्मत का कार्य भी चल रहा है। हो सकता है, उसी के प्रेसर से छत गिरी हो।