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रोडवेज ने समाप्त की 58 कर्मचारियों की संविदा, यूनियन में नाराजगी
Fri, 28 May 2021 01:00 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 28 May 2021 01:00 AM IST
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prayagraj news : रोडवेज
- फोटो : prayagraj
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रोडवेज के प्रयागराज रीजन के प्रयाग डिपो में कार्यरत 58 संविदा कर्मियों की संविदा समाप्त कर दी गई है। इस संबंध में प्रयाग डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी की ओर से डिपो में तैनात संविदा परिचालकों की सूची जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि जिन कर्मचारियों की संविदा समाप्त की गई है वह लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। रोडवेज की इस कार्रवाई का यूनियन ने विरोध किया है।
यूनियन नेताओं ने कहा है किरोडवेज द्वारा जारी की गई सूची में मनमानी की गई है। इसमें सूची में दो कर्मचारी ऐसे हैं जिनके बारे में कहा गया है कि वह बीमारी की सूचना देकर अनुपस्थित हैं। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों के बारे में अनुपस्थित होने की कोई भी सूचना नहीं दी गई है। रोडवेज प्रशासन की इस कार्रवाई का उ. प्र. परिवहन संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज ने विरोध किया है।
यूनियन अध्यक्ष मनोज ने कहा कि कारोना संक्रमण के दौर में यात्रियों की काफी कमी है। तमाम संविदा कर्मचारी हर रोज बस स्टेशन आते हैं, लेकिन यात्री न मिलने की वजह से वह दिन भर खाली बैठे रहते हैं। उनकी हाजिरी का भी कोई प्रावधान नहीं है। उपस्थित उन्हें ही माना जाता है जो बस लेकर जाते हैं। उनका भुगतान भी किलोमीटर के हिसाब से किया जाता है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में ही कहा है कि लॉकडाउन के दौरान किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं काटा जाएगा। कहा कि रोडवेज प्रशासन संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करने का आदेश वापस ले।
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यूनियन नेताओं ने कहा है किरोडवेज द्वारा जारी की गई सूची में मनमानी की गई है। इसमें सूची में दो कर्मचारी ऐसे हैं जिनके बारे में कहा गया है कि वह बीमारी की सूचना देकर अनुपस्थित हैं। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों के बारे में अनुपस्थित होने की कोई भी सूचना नहीं दी गई है। रोडवेज प्रशासन की इस कार्रवाई का उ. प्र. परिवहन संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज ने विरोध किया है।
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यूनियन अध्यक्ष मनोज ने कहा कि कारोना संक्रमण के दौर में यात्रियों की काफी कमी है। तमाम संविदा कर्मचारी हर रोज बस स्टेशन आते हैं, लेकिन यात्री न मिलने की वजह से वह दिन भर खाली बैठे रहते हैं। उनकी हाजिरी का भी कोई प्रावधान नहीं है। उपस्थित उन्हें ही माना जाता है जो बस लेकर जाते हैं। उनका भुगतान भी किलोमीटर के हिसाब से किया जाता है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में ही कहा है कि लॉकडाउन के दौरान किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं काटा जाएगा। कहा कि रोडवेज प्रशासन संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करने का आदेश वापस ले।
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