Ro-Aro Exam Paper Leak : साक्ष्य सामने हैं तो लंबी जांच का दिखावा क्यों, अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
अभ्यर्थियों ने आयोग को ईमेल आईडी पर साक्ष्य भेजने के साथ हार्डकॉपी भी उपलब्ध कराई है। अभ्यर्थियों का पूरा यकीन है कि प्रारंभिक परीक्षा की दोनों पालियों में पेपर लीक हुआ है और इसी वजह से उन्होंने हलफनामे के साथ साक्ष्य सौंपे हैं।
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समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में पेपर लीक विवाद में अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को हलफनामे के साथ साक्ष्य सौंपे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि साक्ष्य सामने हैं तो लंबी जांच का दिखावा क्यों किया जा रहा है। ऐसे में परीक्षा तत्काल निरस्त की जानी चाहिए है।
अभ्यर्थियों ने आयोग को ईमेल आईडी पर साक्ष्य भेजने के साथ हार्डकॉपी भी उपलब्ध कराई है। अभ्यर्थियों का पूरा यकीन है कि प्रारंभिक परीक्षा की दोनों पालियों में पेपर लीक हुआ है और इसी वजह से उन्होंने हलफनामे के साथ साक्ष्य सौंपे हैं। मुरादाबाद की एक महिला अभ्यर्थी ने छात्र नेता कौशल सिंह के माध्यम से हलफनामे और पेपर लीक से जुड़े साक्ष्यों की हार्डकॉपी आयोग को उपलब्ध कराई है।
दिए गए साक्ष्य के अनुसार दूसरी पाली में हिंदी का प्रश्नपत्र परीक्षा से एक घंटे पहले व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था और वही प्रश्नपत्र महिला अभ्यर्थी के व्हाट्सएप तक भी पहुंचा। परीक्षा के बाद मिलान किया तो परीक्षा केंद्र में मिला प्रश्नपत्र और व्हाट्सएप पर वायरल हुआ पेपर एक समान था। महिला अभ्यर्थी ने आयोग से मांग की है कि प्रारंभिक परीक्षा निरस्त की जाए।
अभ्यर्थियों ने न केवल आयोग, बल्कि शासन को भी ईमेल आईडी पर पेपर लीक से जुड़े साक्ष्य भेजे हैं। शासन को साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने की अंतिम तिथि 27 फरवरी थी, जबकि आयोग ने साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए अभ्यर्थियों को दो मार्च तक का समय दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जांच को बेवजह लंबा खींचा जा रहा है। साक्ष्यों से यह तो साबित हो रहा है कि पेपर परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हुआ था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वायरल हुए पेपर में कितने सवालों के जवाब सही या कितनों के गलत थे, यह जांच का विषय हो सकता है, लेकिन पेपर लीक के ठोस साक्ष्य सामने आने के बाद परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लेने में हो रही देरी से अब आयोग और शासन की मंशा पर ही सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा में शामिल सात लाख अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं।अभ्यर्थियों को तभी राहत मिलेगी, जब परीक्षा निरस्त होगी।
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पीसीएस की तैयारी करें या प्रदर्शन
आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 में शामिल परीक्षार्थियों में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी शामिल हैं जिन्होंने पीसीएस परीक्षा-2024 के लिए भी आवेदन किया है। अभ्यर्थी परेशान हैं कि पेपर लीक निरस्त कराने की मांग में धरना-प्रदर्शन करें या पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर लीक प्रकरण ने उन्हें मानसिक रूप से इतना परेशान कर दिया है कि वे पीसीएस परीक्षा की तैयारी भी मन लगाकर नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा तत्काल निरस्त की जाए और पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए। पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा 17 मार्च को प्रस्तावित है। ब्यूरो