Ro-Aro Exam : यूपीपीएससी और अभ्यर्थियों के बीच बढ़ा टकराव, आयोग के सामने सड़क पर बैठे हजारों प्रतियोगी छात्र
यूपीपीएससी की समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा में धांधली और पेपर लीक का आरोप लगाते हुए हजारों छात्र आयोग के गेट पर बैठ गए हैं। इससे प्रयागराज लखनऊ मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया है। उग्र छात्रों की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। छात्र परीक्षा को निरस्त कर नई तिथि घोषित करने की मांग पर अड़े हैं।
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आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर लोक सेवा आयोग पर डटे प्रतियोगियों ने शाम को सभी छह प्रवेश द्वारों पर कब्जा जमा लिया। आयोग जाने वाले रास्ते भी बंद कर दिए। इस वजह से अफसर समेत करीब ढाई सौ कर्मचारी छुट्टी के बाद देर रात तक परिसर में ही बंधक बने रहे। प्रतियोगियों के इस घेरेबंदी की वजह से आयोग के सदस्य भी परिसर से बाहर नहीं निकल पाए।
सुबह से ही प्रतियोगियों ने दो नंबर गेट पर डेरा डाल रखा था। इसी दौरान शाम को उन्हें कर्मचारियों के निकलने की सूचना मिली। भारी फोर्स की मौजूदगी में पांच नंबर गेट से पहले महिला कर्मचारियों को निकाला गया, लेकिन इसकी जानकारी होते ही प्रतियोगियों का एक समूह पांच नंबर गेट पर पहुंच गया। इसके बाद अलग-अलग समूह बनाकर प्रतियोगियों ने सभी छह प्रवेश द्वारों पर कब्जा जमा लिया। प्रतियोगी किसी को भी बाहर नहीं निकलने दे रहे थे।
पुलिस तथा प्रशासन के अफसरों ने प्रतियोगियों से बात कर कर्मचारियों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं हुए। इसकी वजह से वहां कई बार तनाव की स्थिति भी पैदा हुई। रात में 8:30 बजे पांच नंबर गेट से कर्मचारियों को निकालने की फिर कोशिश की गई। वहां अचानक फोर्स भी बढ़ा दी गई, लेकिन इसकी जानकारी होने पर वहां सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रतियोगियों का जमावड़ा भी बढ़ गया। अन्य द्वारों पर भी सैकड़ों प्रतियोगी हर समय डटे रहे इससे कोई बाहर नहीं निकल पा रहा था। इस स्थिति रात 10 बजे तक बनी रही।
इस बीच प्रतियोगी छात्र लगातार नारेबाजी करते रहे। उनका कहना था कि आयोग को ईमेल पर साक्ष्य भेजे जा रहे हैं। कई प्रतियोगियों ने शपथपत्र के साथ ईमेल किया है। प्रतियोगी छात्र शपथपत्र के साथ साक्ष्य की हार्डकॉपी देने को भी तैयार हैं। जांच के लिए आयोग के पास सभी संसाधन भी उपलब्ध है तो आयोग परीक्षा निरस्त किए जाने को लेकर निर्णय लेने में देरी क्यों कर रहा है। प्रतियोगियों ने कहा कि जब तक इस पर कोई निर्णय नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आयोग ने तलब की है 58 जिलों से रिपोर्ट
समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में पेपर लीक विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की आंतरिक जांच समिति तेजी से आगे बढ़ रही है। आयोग ने 58 जिलों के नोडल अफसरों से परीक्षा केंद्रों को लेकर रिपोर्ट तलब की है।आयोग के सूत्रों के अनुसार अब तक जो भी साक्ष्य सामने आए हैं या अभ्यर्थियों की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं, उनके अनुसार दोनों पालियों के प्रश्नपत्रों की उत्तरकुंजी परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले व्हाट्स ऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल की गई। प्रथम प्रश्नपत्र की जो उत्तरकुंजी वायरल की गई, उसमें आधे सवालों के वैकल्पिक जवाब सही और आधे गलत हैं।
वहीं, दूसरी पाली में हिंदी के प्रश्नपत्र में केवल 28 सवालों के वैकल्पिक उत्तर सही हैं और बाकी सवालों के जवाब गलत हैं। अगर प्रश्नपत्र आयोग के स्तर से या प्रिंटिंग प्रेस के स्तर से आउट होता तो एक दिन पहले ही अभ्यर्थियों तक पहुंच गया होता और सभी सवालों के जवाब भी सहीं होते। सूत्रों के अनुसार अब तक हुई जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर माना जा रहा है कि अगर पेपर आउट हुआ है तो यह परीक्षा केंद्र के स्तर से हो सकता है।
घेराबंदी के बाद गेट पर ही कैंडल जलाकर निकाला प्रतीकात्मक मार्च
प्रतियोगियों ने लोक सेवा आयोग से सुभाष चौराहे तक कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की थी, लेकिन देर रात तक गेट पर ही आंदोलन चलता रहा। ऐसे में प्रतियोगियों ने गेट पर कैंडल जलाकर प्रतीकात्मक मार्च निकाला।
लगातार वार्ता की कोशिश करते रहे प्रशासन-पुलिस के अफसर
प्रशासन तथा पुलिस के अफसर आयोग तथा प्रतियोगियों के बीच लगातार वार्ता कराने की कोशिश करते रहे। इसके लिए अफसर कई बार भीतर भी गए। इसके बाद आयोग के अफसर भी वार्ता के लिए आए, लेकिन प्रतियोगी छात्र आयोग के अध्यक्ष से बात कराए जाने की मांग पर अड़े रहे।
अध्यक्ष और सचिव लखनऊ में
प्रतियोगियों के आंदोलन के बीच आयोग के सचिव लखनऊ के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष भी शुक्रवार को आयोग नहीं आए थे और वह पहले से लखनऊ में थे। हालांकि, इसे लेकर कोई भी कुछ नहीं बोल रहा।