फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Rita would not go after their supporters

रीता के पीछे नहीं जाना चाहते उनके समर्थक

Sun, 23 Oct 2016 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 23 Oct 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
Rita would not go after their supporters
कांग्रेस - फोटो : file photo
प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी तो कांग्रेस छोड़ भाजपा में चली गईं लेकिन समर्थकों को कांग्रेस में ही छोड़ गईं। माना जा रहा था कि एक-दो दिन बाद ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी भाजपा में शामिल हो जाएंगे लेकिन कोई नहीं गया। समर्थकों का कहना है कि भाजपा में जाने से पहले रीता ने कार्यकर्ताओं का नहीं, बल्कि अपना नफा-नुकसान देखा। अब वे भाजपा में जाकर पैदल नहीं होना चाहते हैं। कम से कम उन पर पुराने कांग्रेसी का ठप्प तो लगा ही रहेगा। जिनके पास पद हैं, वे भाजपा में जाकर पद नहीं गंवाना चाहते हैं और जिनके पास नहीं है, उन्हें उम्मीद है कि उनकी बारी भी आएगी।
विज्ञापन


भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), यूथ कांग्रेस औरम महिला कांग्रेस में ज्यादातर महत्वपूर्ण पद रीता जोशी के समर्थकों के पास हैं। रीता भाजपा में जा चुकी है, ऐसे में असमंजस की स्थिति बनी है कि समर्थकों के पास पद रहेंगे या नहीं। अगर पार्टी इसमें छेड़छाड़ नहीं करती है तो इन संगठनों में भाजपा के लिए सेंध लगा पाना मुश्किल होगा। रीता जोशी के समर्थक जानते हैं कि कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए तो वहां महत्वपूर्ण जिम्मेदारी या पद न हीं मिलने वाला। वहां पुराने भाजपाइयों को ही तरजीह दी जाएगी। ऐसे में उनका राजनैतिक कॅरियर प्रभावित हो सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यूथ और महिला कांग्रेस के कुछ सक्रिय पदाधिकारियों को तोड़ने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने रीता के पीछे जाने से इनकार कर दिया। वे अब अपना नफा-नुकसान देख रहे हैं। वे जानते हैं कि भाजपा में जाने से रीता जोशी को तो फायदा मिल जाएगा लेकिन वह रीता के समर्थक ही कहलाएंगे।
विज्ञापन


डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने की खुशी में कांग्रेसियों ने शनिवार को आनंद भवन के सामने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। कांग्रेसियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और कहा कि रीता के जाने से पार्टी में गुटबाजी खत्म हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव मुकुंद तिवारी ने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक एवं कट्टरवादी भाजपा को अपनाकर रीता जोशी ने धर्म निरपेक्षता का गला घोट दिया। कहा कि रीता ने निजी स्वार्थ के लिए 11वीं बार दल बदल किया। इस मौके  पर पार्टी नेता तारिक सईद अज्जू, जय प्रकाश तिवारी, मंजू संत, अफरोज अहमद, दीप चंद्र शर्मा, निजाम उद्दीन, नरेंद्र पटेल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed