फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Risk of prostate cancer can be averted with a ₹300 test; emphasis laid at seminar.

स्वास्थ्य : 300 रुपये की एक जांच से टल सकता है प्रोस्टेट कैंसर का खतरा, सेमिनार में दिया गया  जोर

Mon, 21 Sep 2026 06:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 21 Sep 2026 06:14 PM IST
सार

45 वर्ष की उम्र के बाद ब्लड में पीएसए की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। 300 रुपये की इस जांच से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा टल सकता है।

विज्ञापन
Risk of prostate cancer can be averted with a ₹300 test; emphasis laid at seminar.
किडनी - फोटो : Adobe stock

विस्तार

45 वर्ष की उम्र के बाद ब्लड में पीएसए की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। 300 रुपये की इस जांच से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा टल सकता है। शुरुआती स्टेज इलाज शुरू होने से मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाएगी। शनिवार को यह बातें मेडिकल कॉलेज के प्रीतम दास प्रेक्षागृह में यूरोलॉजी विभाग की प्रोस्टेट कैंसर-2026 सेमिनार के दौरान लखनऊ के डॉ. शशिकांत मिश्रा ने कहीं।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि पश्चिमी रहन-सहन भी प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते मामलों की एक वजह है। रेड मीट, पिज्जा, बर्गर व अन्य प्रकार के फास्ट फूड कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पीएसए (प्राेस्टेट स्पेसिफिक एंटिजन) की जांच से प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने में आसानी हुई है। इस वजह से भी मामले बढ़ हुए दिख रहे हैं।
विज्ञापन


सेमिनार में रेडियोथेरेपी, हार्मोनल उपचार और विभिन्न अवस्थाओं में कैंसर के प्रबंधन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। रोबोटिक सर्जरी के महत्व पर देश के प्रमुख कैंसर एवं यूरोलॉजी संस्थानों के विशेषज्ञों ने प्रकाश डाला। सेमिनार में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में शुरू हुई किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट की चिकित्सकों ने तारीफ की और रोबोटिक सर्जरी पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेमिनार में एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके वर्मा, यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप चौरसिया, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. कमल सिंह, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. राजीव सिंह, मुम्बई से डॉ. महेंद्र पाल, डॉ. श्रीश मिश्रा, डॉ. राजुल अभिषेक, लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के डॉ. एचएस पाहवा सहित अन्य मौजूद रहे।

यूरीन में किसी प्रकार की समस्या को अनदेखा न करें

वाराणसी से आए डॉ. श्वेतांक मिश्रा ने बताया कि यूरीन में अगर किसी प्रकार की समस्या है। जैसे रूक-रूक कर होना, जल्दी-जल्दी होना, यूरीन में ब्लड आना सहित अन्य परेशानी को अनदेखा न करें। क्योंकि यह प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। प्रोस्टेट के भीतर कैंसर सेल की पहचान होने से सर्जरी का एक बड़ा विकल्प होता है। मगर एक बार प्रोस्टेट कैंसर शरीर में फैल जाए तो दवा ही एक मात्र रास्ता होता है जो कि सारे जीवन चलने वाला उपचार है।

रोबोटिक सर्जरी में दो दिन के भीतर मरीज को मिल जाती है अस्पताल से छुट्टी

नई दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट के रोबोटिक सर्जन डॉ. सुधीर रावल ने जटिल प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी को सेमी लाइन के माध्यम से दिखाते हुए कहा कि रोबोटिक सर्जरी काफी कारगर है। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की एडवांस पद्धति है। ओपन सर्जरी की तरह रोबोटिक सर्जरी होती है। मगर सर्जरी के दौरान ब्लड कम बहता है और मरीज को दो दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। उन्होंने बताया कि अब रोबोटिक सर्जरी में ज्यादा खर्च नहीं आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed