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कुंभ से पहले तय हो जाएंगे मेला प्राधिकरण के अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:58 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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प्रयागराज मेला प्राधिकरण का सीमांकन हो चुका है। कुंभ से पहले प्राधिकरण के अधिकार भी तय हो जाएंगे। फिलहाल, नियमावली बनाने की तैयारी है। इसी के साथ यह भी तय हो जाएगा कि संबंधित 30 मोहल्लों में किस विभाग के पास कितना अधिकार होगा। अगले महीने के दूसरे सप्ताह में प्राधिकरण बोर्ड की बैठक संभावित है। उसमें जिला प्रशासन, नगर निगम और एडीए के अफसरों के साथ इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
मेला प्राधिकरण के अधिकार में गंगा और यमुना नदी के किनारे के 30 मोहल्ले शामिल किए गए हैं। कुंभ, माघ मेला तथा अन्य आयोजनों के लिए पर्याप्त भूखंड हमेशा उपलब्ध रहे, इस मकसद से प्राधिकरण का इन क्षेत्रोें में तीन बिंदुओं औद्योगिक, व्यवसायिक तथा आवासीय गतिविधियों पर विशेष फोकस होगा। हालांकि, फैसला बोर्ड की अगली बैठक में होगा, लेकिन माना जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियों की अनुमति देने का अधिकार मेला प्राधिकरण के पास ही होगा। इसके अलावा पर्यटन तथा श्रद्धालुओं की दृष्टि से संबंधित 30 मोहल्लों के विकास की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण के पास होगी। मेला प्राधिकरण प्रशासन के एक अफसर ने बताया कि नियमों तथा उप नियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। बोर्ड की आगामी बैठक में ही ज्यादातर बिंदुओं पर सहमति बनाने की कोशिश होगी। कुंभ से पहले नियमावली पर मुहर लगवाने की भी कवायद हो रही है। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले मोहल्लों में विकास कार्य कुंभ के बाद शुरू कर दिए जाएंगे। अन्य प्रावधानों पर बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
कुंभ क्षेत्र की सफाई के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के लिए शनिवार को 51 कर्मचारी मिल गए। कुंभ मेलाधिकारी ने सफाई अभियान की शुरुआत करने के साथ उन्हें सम्मानित भी किया। सफाई कर्मचारियों को सफाई उपकरण के साथ जैकेट, टोपी, माक्स आदि वितरित किए गए। कुंभ मेलाधिकारी ने कहा कि सफाई का काम महत्वपूर्ण है तथा इस कार्य में लगे लोग कुंभ आयोजन के अभिन्न अंग हैं, इसलिए इनका सम्मान होना चाहिए।
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उधर, कुंभ के दौरान पुलिस अफसरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्राउड मैनेजमेंट की है। ऐसे में वह इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। इसी के तहत शनिवार को उन्होंने हाइटेक उपकरणों के जरिए मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग का जायजा लिया। स्मार्ट सिटी के काम में लगी कंपनियों ने दिखाया कि कैसे अत्याधुनिक कैमरों के जरिए मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को जंक्शन और बंधवा हनुमान मंदिर पर पहुंचकर हाईटेक कैमरों की नजर से मेला क्षेत्र को देखा। इस दौरान डोम कैमरों के साथ ही पीटीजेड कैमरे भी लगाए गए थे। हनुमान मंदिर परिसर में ही तीन कंप्यूटरों के जरिए संगम क्षेत्र की निगरानी का डेमो कंपिनयों ने दिया। बताया कि कैसे हाईटेक कैमरों के जरिए भीड़ की स्थिति का सही आकलन किया जा सकता है। पीटीजेड कैमरे की विशेषता के बारे में बताया गया कि यह कुछ किलोमीटर तक की दूरी के दृश्य को दिखा सकते हैं। यह भी बताया कि इस कैमरे के जरिए किसी विशेष स्थान पर मौजूद लोगों की संख्या भी मालूम की जा सकती है। इससे पहले इसी तरह से जंक्शन पर भी कैमरों का प्रदर्शन देखने अफसर पहुंचे। इस दौरान एडीजी एसएन साबत, आईजी रमित शर्मा, डीआईजी कुंभ केपी सिंह, एसएसपी नितिन तिवारी, डीएम कुम्भ विजयकिरन आनंद, एसपी कुम्भ नीरज पांडेय आदि मौजूद रहे।
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मेला प्राधिकरण के अधिकार में गंगा और यमुना नदी के किनारे के 30 मोहल्ले शामिल किए गए हैं। कुंभ, माघ मेला तथा अन्य आयोजनों के लिए पर्याप्त भूखंड हमेशा उपलब्ध रहे, इस मकसद से प्राधिकरण का इन क्षेत्रोें में तीन बिंदुओं औद्योगिक, व्यवसायिक तथा आवासीय गतिविधियों पर विशेष फोकस होगा। हालांकि, फैसला बोर्ड की अगली बैठक में होगा, लेकिन माना जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियों की अनुमति देने का अधिकार मेला प्राधिकरण के पास ही होगा। इसके अलावा पर्यटन तथा श्रद्धालुओं की दृष्टि से संबंधित 30 मोहल्लों के विकास की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण के पास होगी। मेला प्राधिकरण प्रशासन के एक अफसर ने बताया कि नियमों तथा उप नियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। बोर्ड की आगामी बैठक में ही ज्यादातर बिंदुओं पर सहमति बनाने की कोशिश होगी। कुंभ से पहले नियमावली पर मुहर लगवाने की भी कवायद हो रही है। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले मोहल्लों में विकास कार्य कुंभ के बाद शुरू कर दिए जाएंगे। अन्य प्रावधानों पर बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
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कुंभ क्षेत्र की सफाई के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के लिए शनिवार को 51 कर्मचारी मिल गए। कुंभ मेलाधिकारी ने सफाई अभियान की शुरुआत करने के साथ उन्हें सम्मानित भी किया। सफाई कर्मचारियों को सफाई उपकरण के साथ जैकेट, टोपी, माक्स आदि वितरित किए गए। कुंभ मेलाधिकारी ने कहा कि सफाई का काम महत्वपूर्ण है तथा इस कार्य में लगे लोग कुंभ आयोजन के अभिन्न अंग हैं, इसलिए इनका सम्मान होना चाहिए।
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उधर, कुंभ के दौरान पुलिस अफसरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्राउड मैनेजमेंट की है। ऐसे में वह इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। इसी के तहत शनिवार को उन्होंने हाइटेक उपकरणों के जरिए मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग का जायजा लिया। स्मार्ट सिटी के काम में लगी कंपनियों ने दिखाया कि कैसे अत्याधुनिक कैमरों के जरिए मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को जंक्शन और बंधवा हनुमान मंदिर पर पहुंचकर हाईटेक कैमरों की नजर से मेला क्षेत्र को देखा। इस दौरान डोम कैमरों के साथ ही पीटीजेड कैमरे भी लगाए गए थे। हनुमान मंदिर परिसर में ही तीन कंप्यूटरों के जरिए संगम क्षेत्र की निगरानी का डेमो कंपिनयों ने दिया। बताया कि कैसे हाईटेक कैमरों के जरिए भीड़ की स्थिति का सही आकलन किया जा सकता है। पीटीजेड कैमरे की विशेषता के बारे में बताया गया कि यह कुछ किलोमीटर तक की दूरी के दृश्य को दिखा सकते हैं। यह भी बताया कि इस कैमरे के जरिए किसी विशेष स्थान पर मौजूद लोगों की संख्या भी मालूम की जा सकती है। इससे पहले इसी तरह से जंक्शन पर भी कैमरों का प्रदर्शन देखने अफसर पहुंचे। इस दौरान एडीजी एसएन साबत, आईजी रमित शर्मा, डीआईजी कुंभ केपी सिंह, एसएसपी नितिन तिवारी, डीएम कुम्भ विजयकिरन आनंद, एसपी कुम्भ नीरज पांडेय आदि मौजूद रहे।