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नदियों के किनारे गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 12 Jul 2017 02:27 AM IST
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इलाहाबाद
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लगातार बारिश तथा गंगा और यमुना नदी में जल स्तर बढ़ने से किनारे के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिले के 600 से अधिक गांव बाढ़ के मुहाने पर हैं। सदर के अलावा सोरांव, फूलपुर के बड़े इलाके में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों में आशंका है कि इसी तरह एक-दो दिन और बारिश होती रही तो पानी घरों में घुस जाएगा। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कई गांवों में पानी घुस भी गया है और धान की फसल डूब गई है।
पिछले साल जिले के साढ़े छह सौ से अधिक गांव बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए थे। लोग कई दिनों तक घरों में फंसे रहे। इस बार अभी से बाढ़ की आशंका सताने लगी है और लोगों में दहशत है। झूंसी के छतनाग ग्राम सभा में तालाब ओवर फ्लो हो गया है। अतरपुर, महमूदाबाद, नई झूंसी, पुरानी झूंसी समेत कई गांवों में पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है। मेजा में रेल लाइन बिछाई जा रही है, लेकिन पानी निकासी के लिए पुलिया नहीं बनाई गई है।
इसकी वजह से अमिलिया कला, सोनाई, औंता, लेहड़ी समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया है। क्षेत्र में धान की फसल डूब गई है। यही हाल बारा में भी है। वहां सड़क का निर्माण हो रहा है, लेकिन पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से सड़वा, रेही, तालुका, बैजला आदि गांवों में पानी घुस गया है। करछना के पनासा, लटकहा आदि गांवों तक भी पानी पहुंच गया है। बारिश जारी रही तो स्थिति और खतरनाक होगी है। इसकी वजह से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
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पिछले साल जिले के साढ़े छह सौ से अधिक गांव बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए थे। लोग कई दिनों तक घरों में फंसे रहे। इस बार अभी से बाढ़ की आशंका सताने लगी है और लोगों में दहशत है। झूंसी के छतनाग ग्राम सभा में तालाब ओवर फ्लो हो गया है। अतरपुर, महमूदाबाद, नई झूंसी, पुरानी झूंसी समेत कई गांवों में पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है। मेजा में रेल लाइन बिछाई जा रही है, लेकिन पानी निकासी के लिए पुलिया नहीं बनाई गई है।
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इसकी वजह से अमिलिया कला, सोनाई, औंता, लेहड़ी समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया है। क्षेत्र में धान की फसल डूब गई है। यही हाल बारा में भी है। वहां सड़क का निर्माण हो रहा है, लेकिन पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से सड़वा, रेही, तालुका, बैजला आदि गांवों में पानी घुस गया है। करछना के पनासा, लटकहा आदि गांवों तक भी पानी पहुंच गया है। बारिश जारी रही तो स्थिति और खतरनाक होगी है। इसकी वजह से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
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