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Prayagraj News: महाकुंभ से पहले बना करोड़ों का रिटायरिंग रूम ताले में
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प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन का बंद रिटायरिंग रूम। अमर उजाला
- फोटो : Archive
प्रशासनिक उदासीनता के कारण प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन में महाकुंभ-2025 से पहले करोड़ों की लागत से बनाए गए रेलवे के रिटायरिंग रूम पर ताला लगा है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
स्टेशन के दूसरे तल पर 14 आधुनिक कमरों और तीन डॉरमेट्री वाला रिटायरिंग रूम तैयार किया गया था। डॉरमेट्री की क्षमता 90 बेड की है। स्टेशन के पहले तल पर रिटायरिंग रूम का बोर्ड भी टंगा हुआ है। इसे देखकर यात्री जब द्वितीय तल पर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें वहां ताला लटका मिलता है। महाकुंभ के दौरान कुछ समय के लिए इसका इस्तेमाल रेलकर्मियों के रहने के लिए किया गया था।
यहां से ऊंचाहार, नौचंदी, गंगा-गोमती एक्सप्रेस और योगनगरी ऋषिकेश समेत लंबी दूरी की ट्रेनें चलती हैं। रोजाना काफी यात्रियों का आना-जाना होता है। स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को रात गुजारने या विश्राम करने के लिए होटलों की तलाश में दर-दर भटकना पड़ता है।
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वहीं, उत्तर रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि रिटायरिंग अब तक क्यों नहीं खोला जा सका है इस बारे में लखनऊ मंडल के अफसरों से बात की जाएगी। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना ही हमारा लक्ष्य है।
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स्टेशन के दूसरे तल पर 14 आधुनिक कमरों और तीन डॉरमेट्री वाला रिटायरिंग रूम तैयार किया गया था। डॉरमेट्री की क्षमता 90 बेड की है। स्टेशन के पहले तल पर रिटायरिंग रूम का बोर्ड भी टंगा हुआ है। इसे देखकर यात्री जब द्वितीय तल पर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें वहां ताला लटका मिलता है। महाकुंभ के दौरान कुछ समय के लिए इसका इस्तेमाल रेलकर्मियों के रहने के लिए किया गया था।
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यहां से ऊंचाहार, नौचंदी, गंगा-गोमती एक्सप्रेस और योगनगरी ऋषिकेश समेत लंबी दूरी की ट्रेनें चलती हैं। रोजाना काफी यात्रियों का आना-जाना होता है। स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को रात गुजारने या विश्राम करने के लिए होटलों की तलाश में दर-दर भटकना पड़ता है।
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वहीं, उत्तर रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि रिटायरिंग अब तक क्यों नहीं खोला जा सका है इस बारे में लखनऊ मंडल के अफसरों से बात की जाएगी। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना ही हमारा लक्ष्य है।