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30 जून को सेवानिवृत्त कर्मचारी वार्षिक वेतन वृद्धि पाने के हकदार: हाईकोर्ट
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उत्तर प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ पाने का हकदार माना है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार की अदालत ने कानपुर नगर के लोक निर्माण विभाग में तैनात रहे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पुनीत कुमार त्रिपाठी की ओर से दाखिल याचिका पर अधिवक्ता प्रभाकर सिन्हा को सुनकर दिया।
याची कानपुर नगर के लोक निर्माण विभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात थे। 30 जून 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद एक जुलाई से लागू होने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ इन्हें नहीं दिया गया था। क्योंकि, ये एक जुलाई को सेवा में नहीं रहे। इसके खिलाफ इन्होंने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याची के अधिवक्ता प्रभाकर सिन्हा ने दलील दी कि वार्षिक वेतन वृद्धि कर्मचारियों के पिछले साल की गई सेवाओं का पारिश्रमिक होता है। इसलिए इन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित किया जाना अवैधानिक और मनमाना है।
इस संबंध में 12 जून 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि प्रदान करने का आदेश जारी किया है। इसका लाभ याची को नहीं दिया जा रहा। हालांकि, राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिका लंबित रहने के दौरान याची को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिए जाने के संबंध में विभाग ने फैसला ले लिया है।
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कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि एक जुलाई से लगने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ से ऐसे कर्मचारियों को वंचित नहीं किया जा सकता, जो एक दिन पहले सेवानिवृत हुए हैं। क्योंकि, ऐसे कर्मचारियों ने सेवानिवृत्ति के दिन ही अपनी सेवा योगदान का एक वर्ष पूरा कर लिया होता है। सेवानिवृत्ति के बाद वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ उनकी पेंशन में शामिल कर दिया जाना चाहिए।
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याची कानपुर नगर के लोक निर्माण विभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात थे। 30 जून 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद एक जुलाई से लागू होने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ इन्हें नहीं दिया गया था। क्योंकि, ये एक जुलाई को सेवा में नहीं रहे। इसके खिलाफ इन्होंने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याची के अधिवक्ता प्रभाकर सिन्हा ने दलील दी कि वार्षिक वेतन वृद्धि कर्मचारियों के पिछले साल की गई सेवाओं का पारिश्रमिक होता है। इसलिए इन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित किया जाना अवैधानिक और मनमाना है।
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इस संबंध में 12 जून 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि प्रदान करने का आदेश जारी किया है। इसका लाभ याची को नहीं दिया जा रहा। हालांकि, राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिका लंबित रहने के दौरान याची को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिए जाने के संबंध में विभाग ने फैसला ले लिया है।
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कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि एक जुलाई से लगने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ से ऐसे कर्मचारियों को वंचित नहीं किया जा सकता, जो एक दिन पहले सेवानिवृत हुए हैं। क्योंकि, ऐसे कर्मचारियों ने सेवानिवृत्ति के दिन ही अपनी सेवा योगदान का एक वर्ष पूरा कर लिया होता है। सेवानिवृत्ति के बाद वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ उनकी पेंशन में शामिल कर दिया जाना चाहिए।