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रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी पर गिरेगी गाज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:15 AM IST
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Dr. Sutta Singh
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68500 शिक्षक भर्ती में रिजल्ट तैयार करने वाली करने वाली एजेंसी पर गाज गिरना तय है। एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किए जाने की तैयारी चल रही है, क्योंिकि एजेंसी की लापरवाही के बिना के कॉपियों और कंप्यूटर पर चढ़े नंबरों में अंतर नहीं हो सकता है। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियों के लिए एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के कई मामले सामने आने के बाद शासन की ओर से सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह को निलंबित किया जा चुका है, जबकि सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिन्हा और रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह एरी पद से हटा दिए गए हैं। अब रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी की बारी है। अब तक जिस तरह की गड़बड़ियां सामने आईं हैं, उनमें यह स्पष्ट हो चुका है कि नंबर चढ़ाने में भी लापरवाही हुई है। एक अभ्यर्थी को कॉपी में 122 नंबर मिले और कंप्यूटर पर 22 नंबर चढ़ा दिए गए। इसी तरह कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके अलावा महिला अभ्यर्थी राधिका देवी की कॉपी ही बदल दी गई। कॉपी में फेल हुए कई अभ्यर्थी पास कर दिए गए, क्योंकि कंप्यूटर में उनके नंबर अधिक चढ़ा दिए गए थे।
सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का परिणाम तैयार करने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को सौंपी गई थी। अब यह मामला सामने आ रहा है कि इस पूरे मामले में एजेंसी की भी बड़ी लापरवाही है और इसी वजह से एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किए जाने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि 68500 शिक्षक भर्ती में 41556 पदों पर अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया था। आरक्षण निर्धारण में विवाद के कारण बाद में 6127 अन्य अभ्यर्थी भी चयनित घोषित किए गए।
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- इलाहाबाद जिले में कुल 630 अभ्यर्थियों को जिला आवंटन हुआ था। इनमें से 613 ने रिपोर्ट की। विभिन्न कारणों से 40 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र रोक लिए गए और 573 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र लेने के लिए बुलाया गया। इनमें से 570 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लिए हैं, जो एक-दो दिनों में ज्वाइन कर लेंगे।
- शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी पर हटाए गए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा की जगह अपर निदेशक बेसिक शिक्षा रूबी सिंह को सचिव के पद पर तैनात किया है। रूबी सिंह ने रविवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं, सुत्ता सिंह के निलंबन के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा मेरठ मंडल अनिल भूषण चतुर्वेदी को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के पद पर तैनात किया गया है। अनिल भूषण सोमवार को कार्यभार संभालेंगे। अनिल भूषण के पास सहारनपुर मंडल का भी अतिरिक्त प्रभार था।
68500 शिक्षक भर्ती में रोज नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। अभ्यर्थियों को स्कैन कॉपी मिलने के बाद विवाद और बढ़ गया है। अभ्यर्थी अनूप सिंह, मनोज कुमार, नंदलाल, विशाल प्रताप, अकांक्षा सिंह, अजमल, अनिरुद्ध शुक्ला, पूजा, अंकित वर्मा, लालजी यादव ने आरोप लगाया है कि 11 सवालों के गलत जवाब देने पर भी नंबर मिला है।
अभ्यर्थियों ने यह आरोप भी लगाया है कि कटिंग का नंबर किसी को मिला है किसी को नहीं मिला है। इसके अलावा ओवर राइटिंग का नंबर भी किसी को मिला है और किसी को नहीं मिला है। अधूर जवाब देने पर भी यही स्थिति है। किसी को नंबर मिले हैं और किसी को अंक नहीं दिए गए। अभ्यर्थियों का दावा है कि इन सभी गड़बड़ियों से जुड़े साक्ष्य उनके पास हैं। अभ्यर्थियों ने रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में बैठक की और इसके बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। अभ्यर्थियों की मांग है कि जितने अभ्यर्थी कोर्ट गए हैं, उन सभी को नौकरी दी जाए या पूरी परीक्षा का रद्द किया जाए।
68500 शिक्षक भर्ती में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने और भर्ती में धांधली के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्जा से नाराज रोजगार मांगे इंडिया के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि परीक्षा को निरस्त किया जाए और पुनर्परीक्षा कराई जाए। प्रदर्शन में आइसा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, अध्यक्षा अंतस सर्वानंद, शक्ति रजवार, रणविजय सिंह, शैलेश पासवान, विष्णु प्रभारी, साक्षी उपाध्याय, शाजबाज मलिक, सुभाष कुशवाहा, मुलायम सिंह यादव, सोनू यादव, अमीषा आनंद, शहरयार, सृजन, यश, विवेकानंद आदि शामिल रहे।
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शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के कई मामले सामने आने के बाद शासन की ओर से सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह को निलंबित किया जा चुका है, जबकि सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिन्हा और रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह एरी पद से हटा दिए गए हैं। अब रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी की बारी है। अब तक जिस तरह की गड़बड़ियां सामने आईं हैं, उनमें यह स्पष्ट हो चुका है कि नंबर चढ़ाने में भी लापरवाही हुई है। एक अभ्यर्थी को कॉपी में 122 नंबर मिले और कंप्यूटर पर 22 नंबर चढ़ा दिए गए। इसी तरह कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके अलावा महिला अभ्यर्थी राधिका देवी की कॉपी ही बदल दी गई। कॉपी में फेल हुए कई अभ्यर्थी पास कर दिए गए, क्योंकि कंप्यूटर में उनके नंबर अधिक चढ़ा दिए गए थे।
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सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का परिणाम तैयार करने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को सौंपी गई थी। अब यह मामला सामने आ रहा है कि इस पूरे मामले में एजेंसी की भी बड़ी लापरवाही है और इसी वजह से एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किए जाने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि 68500 शिक्षक भर्ती में 41556 पदों पर अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया था। आरक्षण निर्धारण में विवाद के कारण बाद में 6127 अन्य अभ्यर्थी भी चयनित घोषित किए गए।
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- इलाहाबाद जिले में कुल 630 अभ्यर्थियों को जिला आवंटन हुआ था। इनमें से 613 ने रिपोर्ट की। विभिन्न कारणों से 40 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र रोक लिए गए और 573 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र लेने के लिए बुलाया गया। इनमें से 570 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लिए हैं, जो एक-दो दिनों में ज्वाइन कर लेंगे।
- शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी पर हटाए गए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा की जगह अपर निदेशक बेसिक शिक्षा रूबी सिंह को सचिव के पद पर तैनात किया है। रूबी सिंह ने रविवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं, सुत्ता सिंह के निलंबन के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा मेरठ मंडल अनिल भूषण चतुर्वेदी को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के पद पर तैनात किया गया है। अनिल भूषण सोमवार को कार्यभार संभालेंगे। अनिल भूषण के पास सहारनपुर मंडल का भी अतिरिक्त प्रभार था।
68500 शिक्षक भर्ती में रोज नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। अभ्यर्थियों को स्कैन कॉपी मिलने के बाद विवाद और बढ़ गया है। अभ्यर्थी अनूप सिंह, मनोज कुमार, नंदलाल, विशाल प्रताप, अकांक्षा सिंह, अजमल, अनिरुद्ध शुक्ला, पूजा, अंकित वर्मा, लालजी यादव ने आरोप लगाया है कि 11 सवालों के गलत जवाब देने पर भी नंबर मिला है।
अभ्यर्थियों ने यह आरोप भी लगाया है कि कटिंग का नंबर किसी को मिला है किसी को नहीं मिला है। इसके अलावा ओवर राइटिंग का नंबर भी किसी को मिला है और किसी को नहीं मिला है। अधूर जवाब देने पर भी यही स्थिति है। किसी को नंबर मिले हैं और किसी को अंक नहीं दिए गए। अभ्यर्थियों का दावा है कि इन सभी गड़बड़ियों से जुड़े साक्ष्य उनके पास हैं। अभ्यर्थियों ने रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में बैठक की और इसके बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। अभ्यर्थियों की मांग है कि जितने अभ्यर्थी कोर्ट गए हैं, उन सभी को नौकरी दी जाए या पूरी परीक्षा का रद्द किया जाए।
68500 शिक्षक भर्ती में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने और भर्ती में धांधली के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्जा से नाराज रोजगार मांगे इंडिया के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि परीक्षा को निरस्त किया जाए और पुनर्परीक्षा कराई जाए। प्रदर्शन में आइसा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, अध्यक्षा अंतस सर्वानंद, शक्ति रजवार, रणविजय सिंह, शैलेश पासवान, विष्णु प्रभारी, साक्षी उपाध्याय, शाजबाज मलिक, सुभाष कुशवाहा, मुलायम सिंह यादव, सोनू यादव, अमीषा आनंद, शहरयार, सृजन, यश, विवेकानंद आदि शामिल रहे।