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प्रयागराज : बारिश से राहत, 89 फीसदी खरीफ फसल की हुई बोआई, पर अभी अच्छी बारिश की दरकार

Sun, 06 Aug 2023 04:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 06 Aug 2023 04:56 PM IST
सार

जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्या का कहना है कि अब तक जो भी नुकसान हुआ, इस बारिश में उसकी भरपाई हो जाएगी। देर से ही सही लेकिन फसल की बोआई का कार्य पूरा हो जाएगा। कृषि विभाग की ओर से चार अगस्त को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार धान की अब तक 89.88 प्रतिशत रोपाई हो चुकी है।

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Respite from rain, 89% sowing of Kharif crop done, need of good rain now
धान की नर्सरी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश से धान की फसल में पानी आने से किसानों ने राहत महसूस की है। धान की फसल सूखने से जनपद को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग भी होने लगी थी। अब 86 फीसदी फसल बोआई हो चुकी है। धान की रोपाई करने में सबसे ज्यादा पिछड़े मेजा व मांडा क्षेत्र के किसान इन दिनों खेतों में अधिक समय बिता रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक जो भी बारिश हुई है, उसे धान की खेती के लिए संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है। अभी और अच्छी बारिश की दरकार है।

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जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्या का कहना है कि अब तक जो भी नुकसान हुआ, इस बारिश में उसकी भरपाई हो जाएगी। देर से ही सही लेकिन फसल की बोआई का कार्य पूरा हो जाएगा। कृषि विभाग की ओर से चार अगस्त को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार धान की अब तक 89.88 प्रतिशत रोपाई हो चुकी है। विभाग की ओर से धान की रोपाई का कुल लक्ष्य 1.59 लाख हेक्टेयर रखा गया था, जिसमें से 1.43 लाख हेक्टेयर में रोपाई की जा चुकी है। वहीं धान की नर्सरी तैयार करने का कुल लक्ष्य 10655 हेक्टेयर रखा गया था, जिसमें वृद्धि करके अबतक 12430 हेक्टेयर में धान की नर्सरी तैयार की गई है।

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कृषि विभाग की ओर से बाजरे की बोआई का लक्ष्य इस वर्ष 30538 हेक्टेयर में रखा गया था, जिसमें अबतक 21026 (68.85 प्रतिशत) हेक्टेयर में ही बाजरा की बोआई हो सकी है। ज्वार का लक्ष्य 6016 हेक्टेयर, मक्का का लक्ष्य 131 हेक्टेयर और अन्य मोटे अनाज का लक्ष्य 44 हेक्टेयर रखा गया था, इन सभी लक्ष्यों को प्राप्त किया जा चुका है।
उर्द और मूंग की बोआई इस बार लक्ष्य से अधिक हुई है।

उर्द की बोआई का लक्ष्य 1123 हेक्टेयर रखा गया था, जिसमें अबतक 1130 हेक्टेयर में उर्द को बोया जा चुका है, मूंग को तीन हेक्टेयर में बोने का लक्ष्य रखा गया, जिसे अब तक 12 हेक्टेयर में बोया गया है। अरहर की दाल की बोआई का लक्ष्य 18 हजार हेक्टेयर रखा गया, जिसे अब तक 16 हजार हेक्टेयर में बोया जा चुका है। तिलहन की बोआई का लक्ष्य 438 हेक्टेयर में रखा गया, जिसे 328 हेक्टेयर में बोया गया है। इसके अलावा मूंगफली और सोयाबीन की बोआई का न तो लक्ष्य रखा गया और न ही इसकी बोआई की गई। 

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