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नौजवानों को मिले राजनीति में आरक्षण
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 May 2016 01:46 AM IST
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वरुण गांधी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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भाजपा सांसद वरुण गांधी ने राजनीति में युवाओं को आगे करने की अपील की है। उन्होंने खुद को इलाहाबाद का बेटा कहते हुए शनिवार को मांग की कि राजनीति में नौजवानों को आरक्षण मिलना चाहिए। कम से कम 20 प्रतिशत पद नौजवानों को ही मिलने चाहिए। क्योंकि वर्तमान राजनीति में बड़े परिवार के लोग ही आ रहे हैं। वे भी इसी कड़ी के ही नेता है। कहा कि अगर मेरे नाम के आगे गांधी की जगह कोई और सरनेम होता तो मैं भी दर्शक दीर्घा में बैठकर नेताओं का भाषण सुन रहा होता।
प्रयाग संगीत समिति में ‘राष्ट्र नवनिर्माण के लिए एक नई सोच’ विषयक बौद्धिक विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल वरुण गांधी ने कहा कि राजनीति में आरक्षण की शुरूआत ऊपर से नहीं बल्कि नीचे से होनी चाहिए। ग्राम प्रधान, बीडीसी आदि से इसकी शुरूआत हो। राजनीति में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के लिए कम से कम 20 फीसदी आरक्षण होना चाहिए। वरुण ने वर्तमान समय की राजनीति पर भी कटाक्ष किया।
कहा कि अब धर्म, जाति और क्षेत्रवाद के नाम पर ही राजनीति पूरी तरह से केंद्रीत है। ये सही नहीं है। आज देश को विकासवादी और आशावादी राजनीति की जरूरत है। यूपी विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने की मांग पर वरुण ने इशारों ही इशारों में कह दिया कि उन्हें पद की नहीं बल्कि कद की लालसा है। इसके पूर्व वरुण ने मीडिया की शान में भी कसीदे पढे। कहा कि मीडिया की ही देन है कि आज तमाम गड़बड़ियां कुछ ही देर में सामने आ जाती हैं। वरुण ने देश में गरीबी, शिक्षा एवं चिकित्सा की लचर प्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने तमाम सर्वे की रिपोर्ट पेश की।
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कहा कि कुल आबादी के एक प्रतिशत लोगों के पास देश की 61 प्रतिशत संपत्ति है। इस आर्थिक असमानता को दूर करना जरूरी है। कहा कि मेरा सुझाव है कि देश के सबसे ज्यादा सौ अमीर लोग अगर सौ सबसे पिछड़े शहरों को गोद लेते हैं तो स्थिति में कुछ सुधार आ सकता है। उधर गोष्ठी में वरुण का स्वागत एमएलसी डा. यज्ञदत्त शर्मा एवं संचालन डा. एमजे त्रिपाठी ने किया। इस दौरान मंच पर उनका साथ इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू, डा. मिलन मुखर्जी, एडिशनल सालिसिटर जनरल ऑफ इंडिया अशोक मेहता, प्रो. धनंजय यादव, भाजपा नगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय एवं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के राधाकांत ओझा ने दिया।
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प्रयाग संगीत समिति में ‘राष्ट्र नवनिर्माण के लिए एक नई सोच’ विषयक बौद्धिक विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल वरुण गांधी ने कहा कि राजनीति में आरक्षण की शुरूआत ऊपर से नहीं बल्कि नीचे से होनी चाहिए। ग्राम प्रधान, बीडीसी आदि से इसकी शुरूआत हो। राजनीति में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के लिए कम से कम 20 फीसदी आरक्षण होना चाहिए। वरुण ने वर्तमान समय की राजनीति पर भी कटाक्ष किया।
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कहा कि अब धर्म, जाति और क्षेत्रवाद के नाम पर ही राजनीति पूरी तरह से केंद्रीत है। ये सही नहीं है। आज देश को विकासवादी और आशावादी राजनीति की जरूरत है। यूपी विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने की मांग पर वरुण ने इशारों ही इशारों में कह दिया कि उन्हें पद की नहीं बल्कि कद की लालसा है। इसके पूर्व वरुण ने मीडिया की शान में भी कसीदे पढे। कहा कि मीडिया की ही देन है कि आज तमाम गड़बड़ियां कुछ ही देर में सामने आ जाती हैं। वरुण ने देश में गरीबी, शिक्षा एवं चिकित्सा की लचर प्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने तमाम सर्वे की रिपोर्ट पेश की।
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कहा कि कुल आबादी के एक प्रतिशत लोगों के पास देश की 61 प्रतिशत संपत्ति है। इस आर्थिक असमानता को दूर करना जरूरी है। कहा कि मेरा सुझाव है कि देश के सबसे ज्यादा सौ अमीर लोग अगर सौ सबसे पिछड़े शहरों को गोद लेते हैं तो स्थिति में कुछ सुधार आ सकता है। उधर गोष्ठी में वरुण का स्वागत एमएलसी डा. यज्ञदत्त शर्मा एवं संचालन डा. एमजे त्रिपाठी ने किया। इस दौरान मंच पर उनका साथ इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू, डा. मिलन मुखर्जी, एडिशनल सालिसिटर जनरल ऑफ इंडिया अशोक मेहता, प्रो. धनंजय यादव, भाजपा नगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय एवं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के राधाकांत ओझा ने दिया।