{"_id":"5ce30247bdec2207334c3ed0","slug":"reports-sought-by-congress-high-commissioner-of-bhittarwajis","type":"story","status":"publish","title_hn":"भितरघातियों की कांग्रेस हाईकमान ने मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भितरघातियों की कांग्रेस हाईकमान ने मांगी रिपोर्ट
Tue, 21 May 2019 01:08 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 21 May 2019 01:08 AM IST
विज्ञापन
कांग्रेस
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोक सभा चुनाव में इलाहाबाद और फूलपुर सीटों पर भितरघात करने वाले पदाधिकारियों के बारे में कांग्रेस हाईकमान ने रिपोर्ट मांगी है।इसके बाद जिला, शहर और ब्लाक स्तर पर संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस बीच प्रयागराज व कौशांबी के जिलाध्यक्षों समेत दर्जन भर से अधिक नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया गया है। 23 -24 मई को शीर्ष स्तर पर संगठनात्मक समीक्षा होगी। रिपोर्ट के आधार पर संगठन में व्यापक बदलाव के संकेत मिले हैं।
लोस चुनाव के दौरान जिला व शहर कमेटियों के 22 से अधिक पदाधिकारी रीता बहुगुणा जोशी के समर्थन में भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद भी भितरघात का सिलसिला नहीं थमा। जिले की दोनों सीटों पर मतदान के दिन कई एजेंट गठबंधन व भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सक्रिय देखे गए थे। इस आशय की शिकायत के बाद पार्टी नेतृत्व ने चुनाव के दौरान विरोधी दलों के लिए काम करने और संगठन को कमजोर करने वालों के बारे में जानकारी मांगी है।
महानगर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष नफीस अनवर ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान संगठन विरोधी काम करने और पार्टी के लिए पसीना बहाने वाले नेताओं के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। मतगणना के दिन से दिल्ली में पार्टी हाईकमान के सामने इस पर जिलावार चर्चा होगी। पता चला है कि इसके लिए प्रयागराज और कौशांबी के जिलाध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया है।
विज्ञापन
कांग्रेस में संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त नेताओं की उच्चस्तरीय जांच भी कराई गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इलाहाबाद सीट का टिकट फाइनल होने के दौरान ही दिल्ली की एक टीम यहां भेजी गई थी। उस टीम ने दो दिन प्रयागराज में रुककर संगठनात्मक खींचतान की पड़ताल की थी। कहा जा रहा है कि मतगणना के बाद संगठन से कई नेताओं की छुट्टी भी हो सकती है।
विज्ञापन
लोस चुनाव के दौरान जिला व शहर कमेटियों के 22 से अधिक पदाधिकारी रीता बहुगुणा जोशी के समर्थन में भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद भी भितरघात का सिलसिला नहीं थमा। जिले की दोनों सीटों पर मतदान के दिन कई एजेंट गठबंधन व भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सक्रिय देखे गए थे। इस आशय की शिकायत के बाद पार्टी नेतृत्व ने चुनाव के दौरान विरोधी दलों के लिए काम करने और संगठन को कमजोर करने वालों के बारे में जानकारी मांगी है।
विज्ञापन
महानगर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष नफीस अनवर ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान संगठन विरोधी काम करने और पार्टी के लिए पसीना बहाने वाले नेताओं के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। मतगणना के दिन से दिल्ली में पार्टी हाईकमान के सामने इस पर जिलावार चर्चा होगी। पता चला है कि इसके लिए प्रयागराज और कौशांबी के जिलाध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया है।
विज्ञापन
कांग्रेस में संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त नेताओं की उच्चस्तरीय जांच भी कराई गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इलाहाबाद सीट का टिकट फाइनल होने के दौरान ही दिल्ली की एक टीम यहां भेजी गई थी। उस टीम ने दो दिन प्रयागराज में रुककर संगठनात्मक खींचतान की पड़ताल की थी। कहा जा रहा है कि मतगणना के बाद संगठन से कई नेताओं की छुट्टी भी हो सकती है।