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बार-बार सड़क खोदी तो होगा भ्रष्टाचार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:55 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यदि एक ही सड़क बार-बार खुदी तो उसे भ्रष्टाचार माना जाएगा और संबंधित विभाग के अफसरों के खिलाफ उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की मंडलीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी और समन्वय बनाकर एक बार में कार्य पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बजट खपाने के लिए बार-बार सड़कें न खोदी जाएं और लोगों की परेशानियों का भी ध्यान रखा जाए।
उपमुख्यमंत्री ने सड़कों के निर्माण और गड्ढामुक्त किए जाने के लिए भी विभागों को समन्वयन बनाने की हिदायत दी। कहा कि विभाग के एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपने से बचें। सड़क के निर्माण में पारदर्शिता के लिए उन्होंने कई अन्य निर्देश भी दिए। डॉ.दिनेश शर्मा ने कहा कि अर्द्धकुंभ के कार्याें की समीक्षा निश्चित अंतराल पर की जाए। सभी काम विभागीय अफसरों की दक्षता को देखते हुए बांट दिए जाएं। ताकि, काम गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय में पूरा हो सके। कहा कि माघ मेला क्षेत्र में जिन सड़काें पर जलभराव की स्थिति बनी रहती हो उन्हें डामर या सीसी रोड बनाकर स्थाई निर्माण का रूप दिया जाए।
उप मुख्यमंत्री ने स्ट्रीट वेंडिंग के प्रावधान से भी अफसरों का अवगत कराया। कहा कि सामान्य जनता को पटरी दुकानदारों से मिलने वाली सुविधाओं को अतिक्रमण की श्रेणी में रखने के लिए कहा। नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि हर क्षेत्र में वेंडिंग जोन चिह्नित किए जाएं। साथ में पट्टीकाएं लगाकर इसकी भी जानकारी दी जाए कि कौन से क्षेत्र नो-वेंडिंग जोन हैं। उन्होंने नालाें की सफाई के लिए जरूरी निर्देश दिए। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता के बैठक में अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण तलब किया। साथ में नगर आयुक्त को विभाग पर पकड़ बनाने का निर्देश दिया। बैठक में सांसद श्यामा चरण गुप्ता, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई आदि मौजूद रहे। मंडलायुक्त डॉ.आशीष गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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उप मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। कहा कि जिले में कई गंभीर घटनाएं हुई हैं। पुलिस इनका शीर्घ खुलासा करे। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि थानेदारों की समय-समय अदला-बदली की जाए। साथ में उनके कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए। इनके साथ सब इंस्पेक्टर तथा सिपाहियों के कार्यों की भी समीक्षा की जाए। कहा कि निष्पक्षता से कार्य कर रहे अफसरों को न हटाया जाए। इसके विपरीत जिनका काम खराब है या अवैध कार्य में संलिप्त हैं उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने डायल 100 को और सक्रिय करने की बात कही। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था में हर स्थिति में सरकार को रिजल्ट चाहिए। इसमें लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
यदि स्कूल और डिग्री कालेजों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं तो उन्हें परीक्षा केंद्र से वंचित कर दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नकलविहीन परीक्षा के लिए यह बेहद आवश्यक है। उन्होंने राजकीय के साथ मान्यता प्राप्त स्कूलों तथा डिग्री कालेज प्रबंधन को खुद के खर्च पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने की हिदायत दी। यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान केंद्र के 200 मीटर की परिधि में प्रबंधन का कोई भी व्यक्ति प्रवेश नहीं करना चाहिए। ताकि, पक्षपात एवं नकलमुक्त ढंग से परीक्षाओं का संचालन हो सके। उन्होंने अफसरों को प्रबंधक के विवाद को एक महीने में खत्म करने का भी निर्देश दिया। विवादों का निपटारा डीएम के निर्देशन मेें किया जाएगा। डॉ.शर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षक को सत्र शुरू होने पर अभियान चलाकर बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया। दाखिला के समय जिला प्रशासन की देख-रेख में महोत्सव का आयोजन किया जाए। एक सप्ताह तक चलने वाले इस महोत्सव में बच्चों के साथ अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाए। पढ़ाई की गुणवत्ता के लिए भी उप मुख्यमंत्री ने जरूरी निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने किसी पौराणिक स्थल पर वन महोत्सव के आयोजन और जन सहभागिता से पौधरोपण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि पौधरोपण के क्षेत्र का नाम ‘अर्द्धकुंभ उपवन’ रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि चिह्नित क्षेत्र में नवविवाहित जोड़ों तथा जिन दंपत्तियों की शादी के 25 वर्ष हो गए हों उनसे औषधि गुणों वाले पौधें लगवाए जाएं तथा उसे वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने पौधरोपण अभियान तथा उनके संरक्षण को जन आंदोलन तथा सामाजिक संस्कार के रूप में विकसित करने की बात कही। उप मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त और एडीए के अफसरों को पार्कों में भी पौधरोपण कराने के लिए कहा। उन्होंने जिले में पंचवटी नाम से एक पार्क विकसित करने का निर्देश दिया। उसमें जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अफसरों तथा आम लोगों से पांच-पांच पौधे लगवाए जाएं।
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उपमुख्यमंत्री ने सड़कों के निर्माण और गड्ढामुक्त किए जाने के लिए भी विभागों को समन्वयन बनाने की हिदायत दी। कहा कि विभाग के एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपने से बचें। सड़क के निर्माण में पारदर्शिता के लिए उन्होंने कई अन्य निर्देश भी दिए। डॉ.दिनेश शर्मा ने कहा कि अर्द्धकुंभ के कार्याें की समीक्षा निश्चित अंतराल पर की जाए। सभी काम विभागीय अफसरों की दक्षता को देखते हुए बांट दिए जाएं। ताकि, काम गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय में पूरा हो सके। कहा कि माघ मेला क्षेत्र में जिन सड़काें पर जलभराव की स्थिति बनी रहती हो उन्हें डामर या सीसी रोड बनाकर स्थाई निर्माण का रूप दिया जाए।
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उप मुख्यमंत्री ने स्ट्रीट वेंडिंग के प्रावधान से भी अफसरों का अवगत कराया। कहा कि सामान्य जनता को पटरी दुकानदारों से मिलने वाली सुविधाओं को अतिक्रमण की श्रेणी में रखने के लिए कहा। नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि हर क्षेत्र में वेंडिंग जोन चिह्नित किए जाएं। साथ में पट्टीकाएं लगाकर इसकी भी जानकारी दी जाए कि कौन से क्षेत्र नो-वेंडिंग जोन हैं। उन्होंने नालाें की सफाई के लिए जरूरी निर्देश दिए। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता के बैठक में अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण तलब किया। साथ में नगर आयुक्त को विभाग पर पकड़ बनाने का निर्देश दिया। बैठक में सांसद श्यामा चरण गुप्ता, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई आदि मौजूद रहे। मंडलायुक्त डॉ.आशीष गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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उप मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। कहा कि जिले में कई गंभीर घटनाएं हुई हैं। पुलिस इनका शीर्घ खुलासा करे। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि थानेदारों की समय-समय अदला-बदली की जाए। साथ में उनके कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए। इनके साथ सब इंस्पेक्टर तथा सिपाहियों के कार्यों की भी समीक्षा की जाए। कहा कि निष्पक्षता से कार्य कर रहे अफसरों को न हटाया जाए। इसके विपरीत जिनका काम खराब है या अवैध कार्य में संलिप्त हैं उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने डायल 100 को और सक्रिय करने की बात कही। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था में हर स्थिति में सरकार को रिजल्ट चाहिए। इसमें लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
यदि स्कूल और डिग्री कालेजों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं तो उन्हें परीक्षा केंद्र से वंचित कर दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नकलविहीन परीक्षा के लिए यह बेहद आवश्यक है। उन्होंने राजकीय के साथ मान्यता प्राप्त स्कूलों तथा डिग्री कालेज प्रबंधन को खुद के खर्च पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने की हिदायत दी। यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान केंद्र के 200 मीटर की परिधि में प्रबंधन का कोई भी व्यक्ति प्रवेश नहीं करना चाहिए। ताकि, पक्षपात एवं नकलमुक्त ढंग से परीक्षाओं का संचालन हो सके। उन्होंने अफसरों को प्रबंधक के विवाद को एक महीने में खत्म करने का भी निर्देश दिया। विवादों का निपटारा डीएम के निर्देशन मेें किया जाएगा। डॉ.शर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षक को सत्र शुरू होने पर अभियान चलाकर बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया। दाखिला के समय जिला प्रशासन की देख-रेख में महोत्सव का आयोजन किया जाए। एक सप्ताह तक चलने वाले इस महोत्सव में बच्चों के साथ अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाए। पढ़ाई की गुणवत्ता के लिए भी उप मुख्यमंत्री ने जरूरी निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने किसी पौराणिक स्थल पर वन महोत्सव के आयोजन और जन सहभागिता से पौधरोपण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि पौधरोपण के क्षेत्र का नाम ‘अर्द्धकुंभ उपवन’ रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि चिह्नित क्षेत्र में नवविवाहित जोड़ों तथा जिन दंपत्तियों की शादी के 25 वर्ष हो गए हों उनसे औषधि गुणों वाले पौधें लगवाए जाएं तथा उसे वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने पौधरोपण अभियान तथा उनके संरक्षण को जन आंदोलन तथा सामाजिक संस्कार के रूप में विकसित करने की बात कही। उप मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त और एडीए के अफसरों को पार्कों में भी पौधरोपण कराने के लिए कहा। उन्होंने जिले में पंचवटी नाम से एक पार्क विकसित करने का निर्देश दिया। उसमें जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अफसरों तथा आम लोगों से पांच-पांच पौधे लगवाए जाएं।