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प्रयागराज के जाने माने चिकित्सक डॉ. मिलन मुखर्जी का कोरोना से निधन
Wed, 07 Apr 2021 10:07 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 07 Apr 2021 10:07 PM IST
सार
- यूटीआई संक्रमण का लखनऊ स्थित सरदार पटेल संस्थान में चल रहा था उपचार
- एक सप्ताह पहले से थे बुखार पीड़ित, एक दिन पहले कोरोना जांच की रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव
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prayagraj news : डॉ. मिलन मुखर्जी (फाइल फोटो)।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
प्रयाग संगीत समिति के अध्यक्ष रहे फिजीशियन डॉ मिलन मुखर्जी नहीं रहे। लखनऊ में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। वह कोरोना संक्रमित हुए थे। पिछले साल अक्तूबर से उनका लखनऊ स्थित सरदार पटेल संस्थान में यूटीआई संक्रमण का इलाज चल रहा था। शहर के ख्यातिलब्ध चिकित्सकों में शुमार डॉ मिलन मुखर्जी अच्छे डॉक्टर तो थे ही, सामाजिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता रहती थी। प्रयाग संगीत समिति, जेटी, दुर्गापूजा बारवारियों से जुड़ाव के साथ कई संस्थाओं के वह पदाधिकारी भी रहे।
डॉ. मिलन मुखर्जी के पुत्र तथागत मुखर्जी के मुताबिक यूटीआई इंफेक्शन के कारण उन्हें लखनऊ ले जाया गया था। जहां सरदार पटेल संस्थान के डॉ. ओपी चौधरी उनका इलाज कर रहे थे। पिछले अक्तूबर माह से वह वहीं थे। एक सप्ताह पहले उन्हें बुखार आया। मंगलवार को उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
एसजीपीजीआई में नहीं हो सके भर्ती, बेड थे फुल
कोरोना संक्रमित डॉ. मिलन मुखर्जी को इलाज के लिए मंगलवार को एजीपीजीआई लखनऊ ले जाया गया था। जहां बेड फुल होने के कारण उन्हें भर्ती नहीं किया जा सका। कई घंटे इंतजार के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां आज सुबह उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
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1967 बैच के थे एमबीबीएस, एल्युमिनाई एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि
डॉ. मिलन मुखर्जी 1967 बैच के एमबीबीएस पास आउट थे। शहर में उनका शुमार कुशल चिकित्सकों में किया जाता था। टैगौर टाउन में जगत तारन के पास वह बंगले पर ही निजी क्लीनिक चलाते थे। मरीजों के साथ उनका लगाव और जरूरतमंदों की मदद की चर्चा हर तरफ होती थी। कुछ वर्षों से वह सिविल लाइंस में विनायक अपार्टमेंट में रहने लगे थे। मेडिकल कॉलेज एल्युमिनाई एसोसिशन के अध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा, एएमए के अध्यक्ष डॉ. एमके मदनानी, प्रेसीडेंट इलेक्ट डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. बीबी अग्रवाल, प्रयाग संगीत समिति प्रबंधनतंत्र से जुड़े लोगों और चिकित्सकों ने डॉ मुखर्जी के निधन पर शोक जताते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
उधर, डॉ. मुखर्जी के निधन की खबर से जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी और सांसद केशरी देवी पटेल ने दुख जताया है। सांसद ने कहा कि डा. मिलन मुखर्जी ने एक अच्छे चिकित्सक होने के साथ ही समाजसेवा में भी अपना काफी योगदान दिया। उनके निधन से प्रयागराज को बड़ा झटका लगा है। सांसद डा. रीता ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि डा. मुखर्जी की निधन हम सभी के लिए अपूर्णनीय क्षति है। ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
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डॉ. मिलन मुखर्जी के पुत्र तथागत मुखर्जी के मुताबिक यूटीआई इंफेक्शन के कारण उन्हें लखनऊ ले जाया गया था। जहां सरदार पटेल संस्थान के डॉ. ओपी चौधरी उनका इलाज कर रहे थे। पिछले अक्तूबर माह से वह वहीं थे। एक सप्ताह पहले उन्हें बुखार आया। मंगलवार को उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
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एसजीपीजीआई में नहीं हो सके भर्ती, बेड थे फुल
कोरोना संक्रमित डॉ. मिलन मुखर्जी को इलाज के लिए मंगलवार को एजीपीजीआई लखनऊ ले जाया गया था। जहां बेड फुल होने के कारण उन्हें भर्ती नहीं किया जा सका। कई घंटे इंतजार के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां आज सुबह उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
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1967 बैच के थे एमबीबीएस, एल्युमिनाई एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि
डॉ. मिलन मुखर्जी 1967 बैच के एमबीबीएस पास आउट थे। शहर में उनका शुमार कुशल चिकित्सकों में किया जाता था। टैगौर टाउन में जगत तारन के पास वह बंगले पर ही निजी क्लीनिक चलाते थे। मरीजों के साथ उनका लगाव और जरूरतमंदों की मदद की चर्चा हर तरफ होती थी। कुछ वर्षों से वह सिविल लाइंस में विनायक अपार्टमेंट में रहने लगे थे। मेडिकल कॉलेज एल्युमिनाई एसोसिशन के अध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा, एएमए के अध्यक्ष डॉ. एमके मदनानी, प्रेसीडेंट इलेक्ट डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. बीबी अग्रवाल, प्रयाग संगीत समिति प्रबंधनतंत्र से जुड़े लोगों और चिकित्सकों ने डॉ मुखर्जी के निधन पर शोक जताते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
उधर, डॉ. मुखर्जी के निधन की खबर से जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी और सांसद केशरी देवी पटेल ने दुख जताया है। सांसद ने कहा कि डा. मिलन मुखर्जी ने एक अच्छे चिकित्सक होने के साथ ही समाजसेवा में भी अपना काफी योगदान दिया। उनके निधन से प्रयागराज को बड़ा झटका लगा है। सांसद डा. रीता ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि डा. मुखर्जी की निधन हम सभी के लिए अपूर्णनीय क्षति है। ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।