Prayagraj : मेला डिवीजन के एक्सईएन को हटाने की सिफारिश, माघमेला और महाकुंभ के लिए बताया अयोग्य
बीते एक अप्रैल को एक्सईएन आशुतोष ने कार्यभार ग्रहण किया। लेकिन पिछले दो महीने में इनके कामकाज से ऐसा आभास हो रहा है कि महाकुंभ-2025 और माघमेला-2023-24 के कार्यों को करा पाने में यह सक्षम नहीं होंगे। अगर सक्षम अफसर की तैनाती न हुई तो माघमेला, महाकुंभ को सफल बनाना मुश्किल हो जाएगा।
विस्तार
महाकुंभ-2025 की 500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के टेंडर से पहले ही मेला डिवीजन के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आशुतोष कुमार सिंह को हटाने की सिफारिश की गई है। मुख्य अभियंता केके पाहूजा ने उन्हें अयोग्य बताते हुए शासन को पत्र लिखा है।
पाहूजा ने प्रमुख अभियंता (विकास) को पांच जून को भेजे पत्र में एक्सईएन की कई खामियों का उल्लेख किया है। कहा है कि बस्ती के निर्माण खंड-एक से हटाकर आशुतोष को कुंभमेला डिवीजन का एक्सईएन बनाया गया है। स्थानांतरण के बाद ही वह बीमारी का बहाना बनाकर चले गए और कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस दशा में केके ओझा अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड को अतिरिक्त प्रभार देकर बीते वित्तीय वर्ष का काम कराया गया।
बीते एक अप्रैल को एक्सईएन आशुतोष ने कार्यभार ग्रहण किया। लेकिन पिछले दो महीने में इनके कामकाज से ऐसा आभास हो रहा है कि महाकुंभ-2025 और माघमेला-2023-24 के कार्यों को करा पाने में यह सक्षम नहीं होंगे। अगर सक्षम अफसर की तैनाती न हुई तो माघमेला, महाकुंभ को सफल बनाना मुश्किल हो जाएगा।
वाराणसी में तैनाती के दौरान भी विवादों में रहे हैं आशुतोष
आशुतोष कुमार सिंह कुछ वर्ष पहले वाराणसी में भी तैनात रहे हैं। वहां एक ठेकेदार ने उन पर भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए पीडब्ल्यूडी परिसर में ही गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था।