प्रयागराज : बाढ़ का पानी कम होने के साथ खाली होने लगे राहत शिविर
जलस्तर में गिरावट के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकलने लगा है। इसी के साथ बाढ़ में डूबीं कई बस्तियाें से बाढ़ का पानी निकल गया है। हालांकि, बघाड़ा, बेली आदि मोहल्लों में कछार के निचले हिस्से की बस्तियों में अब भी बाढ़ का पानी बना हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गंगा एवं यमुना के जलस्तर में कमी जारी है। बाढ़ का पानी निकलने के साथ शिविरों से वापसी का क्रम भी बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। पहले दिन 1559 लोग अपने-अपने घरों में पहुंच गए। हांलाकि, शिविरों से निकलकर अपने घरों में पहुंचे लोगों के सामने सफाई तथा संक्रमण से बचने की चुनौती अब भी है। बृहस्पतिवार को रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में जलस्तर 82.92, छतनाग में 81.90 तथा नैनी में 82.52 मीटर रहा। जलस्तर में गिरावट भी प्रति घंटा सात से आठ सेमी दर्ज की गई।
जलस्तर में गिरावट के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकलने लगा है। इसी के साथ बाढ़ में डूबीं कई बस्तियाें से बाढ़ का पानी निकल गया है। हालांकि, बघाड़ा, बेली आदि मोहल्लों में कछार के निचले हिस्से की बस्तियों में अब भी बाढ़ का पानी बना हुआ है। जिन बस्तियों से बाढ़ का पानी का निकल चुका है वहां के विस्थापित लोगों के घर पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया है। विभिन्न शिविरों से निकलकर 1559 लोग अपने-अपने घरों में पहुंच गए।
जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 1496 परिवार के कुल 7185 लोग शिविरों में थे। वहीं शाम को संख्या घटकर 5626 हो गई। शहर के 17 शिविरों में सुबह के समय 1325 परिवार के 6296 लोग मौजूद रहे। वहीं शाम को 1010 परिवार के 4738 लोग मौजूद रहे।
मीरापुर के डीएवी इंटर कॉलेज, कटघर के जमुना क्रिश्चियन इंटर कॉलेज, सलोरी के ईश्वर शरण, करैलाबाग के उप्रा विद्यालय तथा वाईपीईएम इंटरनेशनल स्कूल के सभी शरणार्थी अपने घरों के लिए लौट गए हैं। इस तरह से अब 13 शिविरों में शरणार्थी मौजूद हैं। बाढ़ क्षेत्र में प्रशासन की ओर से लगाई गईं नावों की संख्या भी 262 से घटकर 59 रह गई है।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे डीएम, सफाई पर जोर
डीएम संजय कुमार खत्री ने बृहस्पतिवार को सर्कुलर रोड, राजपुर आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उनका सफाई, कीटनाशकों का छिड़काव, इलाज आदि विशेष जोर रहा। इस बाबत उन्हाेंने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से लगाई टीमों की सूची मांगी। साथ ही जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग के एसडीओ के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताई तथा वेतन रोकने का निर्देश दिया। इस दौरान एडीएस वित्त एवं राजस्व जगदंबा सिंह, सीएमओ नानक सरन आदि मौजूद रहे।