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मात्र दो वोट से रेखा सिंह नहीं बचा पाईं कुर्सी

Fri, 26 Oct 2018 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Fri, 26 Oct 2018 01:31 AM IST
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Rekha Singh could not save the chair by just two votes
प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। वह मात्र दो मतों से अपनी कुर्सी नहीं बचा पाईं। बृहस्पतिवार को हुए मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 48 वोट पड़े। जबकि, जरूरत 47 मतों की थी। दो वोट विपक्ष में भी पड़े। एक वोट अवैध रहा। पीठासीन अधिकारी ने रिपोर्ट डीएम को भेज दी। पंचायत कार्यालय में उसे चस्पा कर दिया गया है। नए अध्यक्ष के निर्वाचन तक डीएम प्रशासक होंगे। इसके लिए शुक्रवार को शासन से आदेश जारी होने की उम्मीद है। प्रस्ताव पर बहस तथा मतदान के दौरान भारी फोर्स तैनात रही।
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प्रदेश में सरकार बदलने के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुखाें के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का दौर चल पड़ा है। ऐसे में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी शुरू हो गई थी लेकिन, इससे पहले रेखा सिंह ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली। ऐसे में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर पार्टी के भीतर काफी उठापटक रही लेकिन, केशरी देवी पटेल ने एक अक्तूबर को डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। इस पर बृहस्पतिवार को बैठक तय की गई थी।
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पीठासीन अधिकारी अपर जिला जज दिनेश चंद के निर्देशन में निर्धारित समय पर प्रक्रिया शुरू की गई। करीब 11.15 बजे केशरी देवी के साथ 49 सदस्यों ने पंचायत भवन परिसर में प्रवेश किया। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव पर 64 सदस्यों ने हस्ताक्षर किया था। करीब एक घंटे बाद अध्यक्ष रेखा सिंह के पति तथा पंचायत सदस्य अशोक सिंह भी एक अन्य सदस्य के साथ पहुंचे। इस तरह से निर्धारित समय दिन में एक बजे तक कुल 51 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखा। दिन में एक बजे सभा कक्ष के सभी गेट बंदकर गुप्त मतदान कराया गया। सदन में उपस्थित सभी सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया। इनमें 48 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। जबकि, कुल 92 सदस्यीय सदन में प्रस्ताव पारित कराने के लिए 47 मतों की ही जरूरत थी। इस तरह से अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के साथ ही रेखा सिंह अब अध्यक्ष नहीं रहीं। पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। डीएम की ओर से यह रिपोर्ट शुक्रवार को प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग तथा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।
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