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Prayagraj News: 29वीं उत्तर प्रदेश राज्य सीनियर एथलेटिक चैंपियनशिप से संबंधित बेटियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं मानी हार
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प्रयागराज की सुहानी सिंह ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के डिस्कस थ्रो में जीता स्वर्ण पदक
छह माह पहले हुए ऑपरेशन के बाद भी प्रैक्टिस करना नहीं छोड़ा
मूल रूप से अमेठी निवासी भावना प्रयागराज में रहकर छह साल से उपक्रीड़ा अधिकारी देवी प्रसाद और एथलेटिक्स कोच सतेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में प्रैक्टिस कर रही हैं। भावना बताती हैं कि पिता आध्या प्रसाद किसान हैं जबकि चार साल पहले मां प्रभावती देवी का निधन हो चुका है। चार भाई और एक बहन है। छह माह पहले लीवर में गांठ का ऑपरेशन हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने प्रैक्टिस करना नहीं छोड़ा और 13.30 मीटर के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। इससे पहले वो पांच बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुकी है। साल 2020 में जम्मू में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। पिता हमेशा खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और आगे यूपी पुलिस में शामिल होने का लक्ष्य है।
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सड़क हादसे से उबर कर सुहानी ने जीता स्वर्ण पदक
शंकरगढ़ निवासी सुहानी सिंह कर्नलगंज में रहकर प्रैक्टिस करती हैं। सुहानी बताती हैं कि पिता विजय बहादुर सिंह ठेकेदार और मां गृहिणी हैं। उपक्रीड़ा अधिकारी देवी प्रसाद और एथलेटिक्स कोच सतेंद्र सिंह के साथ ही सीनियर एथलीट अंशु के मार्गदर्शन में स्वर्ण हासिल हुआ है। जून और जुलाई 2025 में सड़क हादसे के दौरान हालत काफी खराब हो गई थी। सिर में गहरी चोट लगी थी और दाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। प्रैक्टिस करना काफी मुश्किल हो गया था लेकिन इस हादसे से उबरकर दिसंबर 2025 के विद्यालयीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया था।
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मूल रूप से अमेठी निवासी भावना प्रयागराज में रहकर छह साल से उपक्रीड़ा अधिकारी देवी प्रसाद और एथलेटिक्स कोच सतेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में प्रैक्टिस कर रही हैं। भावना बताती हैं कि पिता आध्या प्रसाद किसान हैं जबकि चार साल पहले मां प्रभावती देवी का निधन हो चुका है। चार भाई और एक बहन है। छह माह पहले लीवर में गांठ का ऑपरेशन हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने प्रैक्टिस करना नहीं छोड़ा और 13.30 मीटर के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। इससे पहले वो पांच बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुकी है। साल 2020 में जम्मू में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। पिता हमेशा खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और आगे यूपी पुलिस में शामिल होने का लक्ष्य है।
सड़क हादसे से उबर कर सुहानी ने जीता स्वर्ण पदक
शंकरगढ़ निवासी सुहानी सिंह कर्नलगंज में रहकर प्रैक्टिस करती हैं। सुहानी बताती हैं कि पिता विजय बहादुर सिंह ठेकेदार और मां गृहिणी हैं। उपक्रीड़ा अधिकारी देवी प्रसाद और एथलेटिक्स कोच सतेंद्र सिंह के साथ ही सीनियर एथलीट अंशु के मार्गदर्शन में स्वर्ण हासिल हुआ है। जून और जुलाई 2025 में सड़क हादसे के दौरान हालत काफी खराब हो गई थी। सिर में गहरी चोट लगी थी और दाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। प्रैक्टिस करना काफी मुश्किल हो गया था लेकिन इस हादसे से उबरकर दिसंबर 2025 के विद्यालयीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया था।
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प्रयागराज की सुहानी सिंह ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के डिस्कस थ्रो में जीता स्वर्ण पदक
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