हाईकोर्ट : बलिया स्थित भृगु आश्रम ध्वस्तीकरण मामले में हस्तक्षेप से इन्कार
याचिका में सतीश चंद्र कॉलेज से दक्षिण की ओर मंगल पाण्डेय मूर्ति कदम चौराहे के पास स्थित याची के घर को ध्वस्त करने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। पवन मिश्रा ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकरण में प्राधिकारी के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की जा सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बलिया में स्थित भृगु आश्रम भवन के ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची के पास प्राधिकारी के आदेश के खिलाफ अधिकरण के समक्ष अपील दाखिल कर चुनौती देने का विकल्प मौजूद है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने अंशुमान मिश्र की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
याचिका में सतीश चंद्र कॉलेज से दक्षिण की ओर मंगल पांडेय मूर्ति कदम चौराहे के पास स्थित याची के घर को ध्वस्त करने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। पवन मिश्रा ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकरण में प्राधिकारी के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की जा सकती है। अधिकरण को अंतरिम आदेश जारी करने का भी अधिकार है। इसलिए वैकल्पिक उपचार उपलब्ध होने के आधार पर याचिका खारिज की जाए।
कोर्ट ने कहा कि वैकल्पिक उपचार उपलब्ध होने पर कोर्ट के द्वारा नैसर्गिक न्याय के उल्लघंन, अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पारित आदेश, कानून या नियम की वैधता के मामले के अलावा अन्य मामले में हस्तक्षेप नहीं किया जाता। याची को नोटिस भी नहीं दिया गया है और आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का अधिकार उपलब्ध है। इसलिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।