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घट सकता है कछारी इलाकों का सर्किल रेट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 23 Sep 2016 01:57 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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इलाहाबाद। कछारी इलाकों का सर्किल रेट कम हो सकता है। बृहस्पतिवा को आपत्तियां की सुनवाई के दौरान कुछ ऐसे मामले सामने आएं, जहां जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री पर खर्च करना पड़ रहा है। अपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व डीएस पांडेय ने लेखपालों को मौके पर भेजकर जांच कराने का निर्णय लिया है। प्रशासन की अब जिला अधिवक्ता संघ के साथ बैठक होनी है। संघ की आपत्तियों के निस्तरण के बाद प्रस्तावित सर्किल रेट अंतिम रूप से लागू किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने एडीएम वित्त एवं प्रशासन के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सराय भीकी, भीकमपुर कछार समेत कुछ कछारी इलाकों के लिए आपत्तियां आईं कि वहां जमीन ढाई से तीन लाख रुपये बीघा मिल रही है जबकि सर्किल रेट वर्ग मीटर में निर्धारित है। ऐसे में जितने की जमीन नहीं, उससे अधिक रकम रजिस्ट्री कराने में खर्च हो रही है। इन आपत्तियों की गंभीरता को देखते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व ने लेखपालों से मौके पर जांच कराने का निर्णय लिया। अगर शिकायत सही पाई गई तो कछारी इलाकों में सर्किल रेट घटाया जा सकता है। प्रशासन की अब जिला अधिववक्ता संघ के साथ बैठक होनी है। संघ से आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद सर्किल रेट की फाइनल सूची जारी की जाएगी।
बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने एडीएम वित्त एवं प्रशासन के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सराय भीकी, भीकमपुर कछार समेत कुछ कछारी इलाकों के लिए आपत्तियां आईं कि वहां जमीन ढाई से तीन लाख रुपये बीघा मिल रही है जबकि सर्किल रेट वर्ग मीटर में निर्धारित है। ऐसे में जितने की जमीन नहीं, उससे अधिक रकम रजिस्ट्री कराने में खर्च हो रही है। इन आपत्तियों की गंभीरता को देखते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व ने लेखपालों से मौके पर जांच कराने का निर्णय लिया। अगर शिकायत सही पाई गई तो कछारी इलाकों में सर्किल रेट घटाया जा सकता है। प्रशासन की अब जिला अधिववक्ता संघ के साथ बैठक होनी है। संघ से आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद सर्किल रेट की फाइनल सूची जारी की जाएगी।
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