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Prayagraj News: दो साल फंसी रहेगी असिस्टेंट प्रोफेसर के 150 पदों पर भर्ती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2024 05:35 AM IST
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Recruitment for 150 posts of Assistant Professor will remain stuck for two years
प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पड़े तकरीबन डेढ़ सौ पदों पर दो साल तक भर्ती फंसी रहेगी। वहीं, लोकसभा चुनाव के बाद साढ़े पांच सौ पदों पर भर्ती शुरू होने के आसार हैं। राजकीय महाविद्यालयों में कुल 700 पद खाली हैं।
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने बीते दिनों राजकीय महाविद्यालयों से पोर्टल पर जानकारी मांगी थी कि शिक्षकों के कितने पद सृजित हैं और इनमें से कितने पद रिक्त पड़े हैं। महाविद्यालयों की ओर से पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर के तकरीबन 700 पद रिक्त पड़े हैं। इनमें से साढ़े तीन सौ पदों पर भर्ती के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने काफी पहले शासन के माध्यम से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेज दिया था।
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निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि बाद में तकरीबन अन्य ड़ेढ सौ पदों का अधियाचन भी शासन को भेज दिया गया है। वहीं, बाकी के डेढ़ सौ पद ऐसे हैं, जिन पर तैनात शिक्षक धारणाधिकार के तहत दूसरे विभागों में चले गए हैं। पद रिक्त होने के बावजूद इन पदाें पर भर्ती के लिए दो वर्ष तक विज्ञापन जारी नहीं किया जा सकता है। ऐसे में दो साल ये पद खाली पड़े रहेंगे।
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अगर इन पदों पर दो साल तक शिक्षक वापस नहीं आते हैं तो भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। फिलहाल, निदेशालय की ओर से अब लगभग 550 पदों का आधियाचन भेजा जा चुका है। इन बार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया है। पूर्व की भर्तियों में अभ्यर्थियों की छंटनी के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा होती थी और स्क्रीनिंग परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था।
अभ्यर्थियों के चयन में स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक नहीं जोड़े जाते थे और केवल इंटरव्यू में मिले अंकों के आधार पर चयन होता था, लेकिन बदलाव के बाद इंटरव्यू से ज्यादा महत्व स्क्रीनिंग परीक्षा का होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर चयन के लिए अब स्क्रीनिंग परीक्षा के 75 फीसदी अंक और इंटरव्यू के केवल 25 फीसदी अंक जोड़े जाएंगे। यानी अभ्यर्थियों के चयन का मुख्य आधार स्क्रीनिंग परीक्षा होगी।

स्क्रीनिंग परीक्षा से संबंधित प्रस्तावित नियमावली तैयार कर ली गई है और अब इसे शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है। शासन से नियमावली को स्वीकृति मिलते ही आयोग भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर देगा। लोकसभा चुनाव के बाद बड़ी संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती किए जाने की तैयारी है।
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