प्रयागराज : लंकेश की निकली शाही सवारी, गूंजे जयकारे, कटरा की रामलीला में नहीं होता रावण वध, जानें ऐसा क्यों
Ramleela : प्रयागराज की अति प्राचीन कटरा की रामलीला में रावण वध का मंचन नहीं किया जाता है। शायद यह प्रदेश ही नहीं देश की ऐसी पहली रामलीला है जहां रावण नहीं मारा जाता है। यही नहीं यहां रावण की भव्य शोभायात्रा और शाही सवारी निकाली जाती है और भव्य स्वागत किया जाता है और रावण की आरती उतारी जाती है। इसके पीछे कई कारण बताए जाते हैं।
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कटरा में लंकेश की शाही सवारी की झलक पाने के लिए मंगलवार को लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। बाजे गाजे के साथ सुसज्जित रथ पर आरूढ़ होकर दशानन का कारवां निकला तो जयकारे गूंजने लगे। कटरा रावण का ननिहाल माना जाता है, इसलिए यहां रावण वध के मंचन की बजाए शोभायात्रा निकाली जाती है।
शाम छह बजे भरद्वाज मुनि आश्रम में लंकेश की सविधि मंत्रोच्चार के साथ पूजा की गई। इसके बाद घंटे-घड़िया के साथ आरती उतारी गई। पूजा-आरती के बाद लंकेश की शोभायात्रा भारद्वाज मुनि आश्रम से बाजे-गाजे के साथ निकाली गई। कमेटी के अध्यक्ष सुधीर कुमार गुप्ता और महामंत्री उमेश चंद्र केशरवानी, उपाध्यक्ष आनंद अग्रवाल, विनोद केसरवानी, मयंक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अश्वनी केसरवानी, मंत्री शिवबाबू गुप्ता, महेश चंद्र गुप्ता, विपुल मित्तल, पार्षद आनंद घिल्डियाल, पार्षद सोनिका अग्रवाल, आनंद प्रकाश पांडेय, अरुण अग्रवाल, संतोष गुप्ता और दिलीप चौरसिया ने शोभायात्रा की अगवानी की।
बतौर मुख्य अतिथि महापौर गणेश केसरवानी, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, एमएलसी सुरेंद्र चौधरी, गुरु प्रसाद मिश्रा, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा में जबलपुर से आए विशाल बैंड, तहलका धमाल बैंड, सुल्तानपुर से आए लहरी बैंड और प्रयागराज के आजाद पाइप बैंड के साथ राम और श्याम बैंड की प्रस्तुतियों ने लोगों को मुग्ध कर दिया। इस शोभायात्रा में 14 की संख्या में कलात्मक और आधुनिक धार्मिक चौकियां भी हर किसी को लुभाती रहीं।
शहर के कई इलाकों से होते हुए निकली शाही सवारी
शोभायात्रा के आगे और पीछे डीजे, ढोल, नगाड़े पर धमाल मचाती युवाओं की टोलियां चल रही थीं। शोभायात्रा भारद्वाज मुनि आश्रम से प्रारंभ होकर विश्वविद्यालय चौराहे से नेतराम चौराहा होते हुए लक्ष्मी टाकीज चौराहे से कचहरी होकर पुनः नेतराम, मनमोहन चौराहे से राम वाटिका पहुंची। इस मौके पर नितिन केसरवानी, बच्चा पाल, प्रमोद साहू, विनय साहू, पुनीत केसरवानी, ऋषि चक्र, शिवबाबू गुप्ता, मुन्ना मलाई, सुनील जायसवाल, विजय केसरवानी, राम प्रकाश गुप्ता, सुशील कुमार केसरवानी, संजय गुप्ता, सौरभ सक्सेना, अशोक श्रीवास्तव विभूति समेत तमाम लोग उपस्थित थे।