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एसआरएन में दुष्कर्म मामला : विवेचना में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, जल्द ही लगेगी फाइनल रिपोर्ट
Thu, 17 Jun 2021 09:12 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 17 Jun 2021 09:12 PM IST
सार
- प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीआईजी ने दी जानकारी, सीएमओ-प्रिंसिपल भी रहे मौजूद
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जांच-सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिछले 15 दिनों से चल रहे एसआरएन अस्पताल में दुष्कर्म के आरोप मामले का बृहस्पतिवार को पटाक्षेप हो गया। पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि मामले से संबंधित मुकदमे की विवेचना के दौरान मरीज के साथ दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। परिस्थितिजन्य व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मरीज के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए हैं। डीआईजी ने बताया कि मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाई जाएगी।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाधिकारी संजय खत्री, सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह भी मौजूद रहे। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के क्रम में हर बिंदुओं पर जांच पड़ताल की गई। इस दौरान घटनास्थल पर उपलब्ध भौतिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के अलावा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहनता से जांच की गई। इसके साथ ही मरीज के परिजनों व अस्पताल के स्टाफ व अन्य सभी संबंधित लोगों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए गए।
सभी बिंदुओं की गहनता से पड़ताल के बाद यह तथ्य सामने आया है कि दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के आरोप सही नहीं पाए गए हैं। ऐसे में जल्द ही मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाई जाएगी। उधर प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मरीज के परिजनों की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद खुद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से वरिष्ठ चिकित्सकों का पैनल बनाकर मामले की जांच कराई गई। इस दौरान जो बातें सामने आईं, उससे यही प्रतीत होता है कि ऑपरेशन के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को मरीज की ओर से गलत व्यवहार समझा गया।
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पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाधिकारी संजय खत्री, सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह भी मौजूद रहे। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के क्रम में हर बिंदुओं पर जांच पड़ताल की गई। इस दौरान घटनास्थल पर उपलब्ध भौतिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के अलावा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहनता से जांच की गई। इसके साथ ही मरीज के परिजनों व अस्पताल के स्टाफ व अन्य सभी संबंधित लोगों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए गए।
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सभी बिंदुओं की गहनता से पड़ताल के बाद यह तथ्य सामने आया है कि दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के आरोप सही नहीं पाए गए हैं। ऐसे में जल्द ही मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाई जाएगी। उधर प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मरीज के परिजनों की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद खुद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से वरिष्ठ चिकित्सकों का पैनल बनाकर मामले की जांच कराई गई। इस दौरान जो बातें सामने आईं, उससे यही प्रतीत होता है कि ऑपरेशन के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को मरीज की ओर से गलत व्यवहार समझा गया।
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