Raju Pal Murder : अतीक के शूटर आबिद, गुर्गे जावेद और इसरार ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
विधायक राजूपाल की जनवरी 2005 में धूमनगंज के सुलेमसराय में सरेराह फिल्मी अंदाज में हत्या की गई थी। विधानसभा चुनाव में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ को हराने के चलते राजू पाल की हत्या की गई थी। इसमें उनके साथ देवी लाल पाल और संदीप यादव की भी मौत हो गई थी।
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बसपा विधायक राजूपाल हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए अतीक के शॉर्प शूटर आबिद, गुर्गे जावेद और इसरार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सजा को निलंबित और जमानत पर रिहा करने की मांग को लेकर दाखिल उनकी अपील पर कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट पत्रावली तलब कर सीबीआई को चार सप्ताह में आपत्ति दाखिल करने की मोहलत दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दोषी जावेद व आबिद की अपील पर दिया है।विधायक राजूपाल की जनवरी 2005 में धूमनगंज के सुलेमसराय में सरेराह फिल्मी अंदाज में हत्या की गई थी। विधानसभा चुनाव में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ को हराने के चलते राजू पाल की हत्या की गई थी। इसमें उनके साथ देवी लाल पाल और संदीप यादव की भी मौत हो गई थी। इसके बाद शहर में जमकर बवाल हुआ था।
आक्रोशित लोगों ने जगह-जगह आगजनी की थी। इसके बाद अतीक और उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ समेत दर्जनों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। पहले पुलिस, फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 11 साल बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और 20 अगस्त 2019 को सीबीआई ने कुल 10 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
ट्रायल के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने छह आरोपियों को उम्रकैद और आरोपी शूटर फरहान को आर्म्स एक्ट में चार साल की सजा सुनाई। आजीवन कारावास पाने वालों में अतीक अहमद तीन शॉर्प शूटर आबिद, अब्दुल कवि समेत जावेद, इसरार, रंजीत पाल और गुल हसन का नाम शामिल है। जबकि, आरोपी अतीक, अशरफ और रफीक उर्फ गुलफुल प्रधान की मौत फैसला आने से पहले हो चुकी है। अब शॉर्प शूटर आबिद, जावेद और इसरार ने सीबीआई की विशेष अदालत के चार अप्रैल 2024 के सुनाए फैसले को चुनौती दी है। अपील में सजा को निलंबित करने व जमानत पर रिहा करने की मांग की गई है।