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यूपी: राजा भैया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप को न्यायिक हिरासत में लिया गया, पढ़ें क्या है पूरा मामला

Tue, 22 Mar 2022 01:00 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 22 Mar 2022 01:00 PM IST
सार

फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में प्रतापढ़ में एमपी एमएलए कोर्ट ने एमएलसी अक्षय प्रताप को दोषी करार दिया था। सजा के एलान के लिए गोपालजी आज एमपी एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए थे। जिन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।

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Raja Bhaiya Close MLC Akshay Pratap was taken into judicial custody
फाइल फोटो - फोटो : प्रतापगढ़

विस्तार

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप उर्फ गोपालजी को न्यायिक कस्टडी में लिया गया है। सजा के लिए कोर्ट ने 23 मार्च की तारीख मुकर्रर की है। कोर्ट परिसर के बाहर समर्थकों जमावड़ा का लगा है।
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फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में प्रतापढ़ में एमपी एमएलए कोर्ट ने एमएलसी अक्षय प्रताप को दोषी करार दिया था। सजा के एलान के लिए गोपालजी आज एमपी एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए थे।
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एमएलसी चुनाव के ऐन वक्त पर एफटीसी कोर्ट ने फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को दोषी करार दिया है। अगर अक्षय प्रताप को दो वर्ष से अधिक की सजा होती है, तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अगर सजा दो वर्ष से कम होती है, तो वह चुनाव लड़ सकते हैं। 
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सपा से सांसद भी रह चुके हैं गोपालजी
वर्ष 2004 से 2009 तक गोपालजी प्रतापगढ़ जिले के सांसद भी रहे। ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के बीच गहरी पैठ रखने वाले निवर्तमान एमएलसी इस बार भी प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। कोर्ट के फैसले से न सिर्फ अक्षय प्रताप सिंह बल्कि उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा है। 


डीजीसी क्रिमिनल योगेश शर्मा के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को दो साल या इससे अधिक  की सजा होती है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो जाता है। अगर सजा की अवधि इससे कम होती है, तो वह चुनाव लड़ सकता है। फिलहाल जिला प्रशासन की नजरें भी कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। कोर्ट का फैसला आने पर ही निवर्तमान एमएलसी की उम्मीदवारी पर फैसला लिया जाएगा। 
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