फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Rain comes from zakat

ज़कात से मिलती है बरकत

Sat, 25 Jun 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 25 Jun 2016 01:10 AM IST
विज्ञापन
Rain comes from zakat
रमजान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
मुकद्दस रमजान के तीसरे जुमे पर जामा मस्जिद चौक और शिया जामा मस्जिद चक सहित शहर की तमाम इबादतगाहों में जुमे की खास नमाज अदा की गई। बड़ी संख्या में जुटे नमाजियों ने खुदा की बारगाह में सजदा किया। इमाम जुमा ने खुतबा के दौरान माहे मुकद्दस के अशरा-ए-मगफिरत में नेकी करने की नसीहत के साथ जकात के बारे में तफसील से बताया। कहा, माहे मुकद्दस में रोजे अता करके खुदा ने हमें नेक इंसान बनने का जरिया दिया है। रोजे की तमाम नसीहतों पर अमल करके इंसान नेक बन सकता है। रोजे हमें तमाम बुराइयों से परहेजगार बनाते हैं। अंत में दुआ के लिए हाथ उठे तो मुल्क में अमन चैन, तरक्की, रोजी में बरकत आदि के लिए दुआएं मांगी गई।
विज्ञापन


  शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने जकात के मसायल बताए। कहा, जकात निकालने से माल घटता नहीं बल्कि अल्लाह उसे बरकत बक्शता है, जिससे वह माल चोरी, जलने, गायब होने से महफूज हो जाता है। जरूरतमंदों को जकात देनी चाहिए। शिया जामा मस्जिद, चक में इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा ने नमाज पढ़वाई। 
विज्ञापन


शिया समुदाय के लोग मौला अली की शहादत पर 19वें रोजे से तीन दिन का मातम करेंगे।  शिया जामा मस्जिद, चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा के मुताबिक कूफा की मस्जिद में मुल्जिम ने मौला अली के सिर पर तलवार से उस समय वार कर दिया था जब वह पहली रकात के सजदे में थे और दूसरे के लिए सिर उठा रहे थे। 21वीं शब को वह शहीद हो गए। उनकी याद में होने वाला मातम शनिवार को सहर के बाद से शुरू होगा। काले लिबास पहनने के साथ कढ़ाई भी नहीं चढ़ाई जाएगी। मातम 21वें रोजे तक रहेगा। 22वें रोजे के साथ खुशियां लौटेंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


माली बिरादरी वेलफेयर कमेटी की ओर से शुक्रवार को करेली स्थित अंबर पैलेस में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। कमेटी के अध्यक्ष शकील माली और उपाध्यक्ष रुआब अली की देखरेख में हुए इफ्तार में तमाम सदस्यों के अतिरिक्त सभी वर्ग के लोग जुटे। इफ्तार के बाद हुई नमाज में मुल्क की तरक्की और अमन चैन के लिए दुआएं मांगी गईं। गेसू माली, पप्पू माली, चांद, गौस माली आदि ने व्यवस्था संभाली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed