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Prayagraj News: बारिश और तेज हवा ने लहलहाती फसलों को किया चित, खेतों में बिछ गई मेहनत की पूंजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2025 02:07 AM IST
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Rain and strong winds ravaged the flourishing crops, laying waste to the fields
बारिश और तेज हवा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में पककर तैयार धान की फसल हवा के झोंकों से गिर पड़ी और कई जगह जलभराव के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गई। दिनभर आसमान में छाए रहे बादल और बीच-बीच में तेज झोंकों के साथ हुई बारिश से किसानों की सांस अटकी रही। शाम तक मौसम का रुख बिगड़ने के बाद कई गांवों में फसलें पूरी तरह कीचड़ और पानी में समा गईं। जिले में लगभग सभी जगह बारिश हुई। फूलपुर, कोरांव, सोरांव, बारा, शंकरगढ़, हंडिया और मेजा समेत कई इलाकों में फसलों को नुकसान की सूचना है।
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फूलपुर के वीरकाजी गांव के रहने वाले मोहनलाल भारतीय, अशोक कुमार, सूरज कुमार, संतोष भारतीय, अजेहरा गांव के रहने वाले लाल बहादुर भारतीय, सतीश यादव, हैबतपुर गांव निवासी किसान सलीम टाइगर आदि किसानों ने बताया कि धान की बालियां पक चुकी थीं और कटाई की तैयारी चल रही है, लेकिन अचानक मौसम पलट गया। खेतों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो गईं।
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हमने छह महीने की मेहनत से फसल तैयार की थी। अब आधी फसल पानी में गिर गई है, और जो बची है वो भी खराब हो जाएगी। दिल टूट गया।
- अशोक कुमार, किसान वीरकाजी फूलपुर।


अबकी धान की फसल में अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बारिश से खेतों में कटाई मुश्किल हो गई है। अगर पानी जल्द नहीं निकला तो फसल सड़ने लगेगी।
- सलीम टाइगर, किसान हैबतपुर फूलपुर।

कई जगहों पर तेज हवा के झोंकों से धान की बालियां झुककर टूट गईं। किसानों का कहना है कि इस बार पैदावार में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान होने की संभावना है।
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- दिनेश शुक्ल, किसान देवनहरी फूलपुर।

किसानों ने सरकारी सर्वे और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो अगली फसल की बुवाई पर भी असर पड़ेगा।
- संतलाल यादव, किसान चेतरा प्रतापपुर।
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बुधवार रात से हो रही बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद, कई इलाकों में धान की कटाई पिछड़ी
बेमौसम बारिश व तेज हवाओं से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं, उड़द और तिल की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों परेशान हैं। कई लोग धान की कटाई कर चुके थे। बारिश से फसल भीग गई। अब कुछ दिन सुखाने के बाद ही पीट पाएंगे। कोरांव के दक्षिणांचल में तो ज्यादातर किसानों की धान की फसल कट कर खेतों में सूखने के लिए पड़ी थी। बारिश से खेतों में पानी भर गया। वहीं, लापर के किसान सिद्ध नारायण पटेल, लाल शास्त्री, गुलाब सिंह ने बताया कि धान की फसल में बलियां आ गई थीं। तेज हवा और बारिश से ज्यादातर किसानों की फसल जमींदोज हो गई। जिन फसलों में अभी फूल ही लग रहे थे। बारिश और तेज हवा से सब झड़ गए।
क्षेत्र के किसान जगजीवन लाल सिंह, विद्या चरण शुक्ल ने बताया कि इस समय क्षेत्र में मसूर,चना, सरसों, अलसी की बुवाई चल रही थी। बारिश से बुवाई भी पिछड़ गई। धान, उड़द, तिल आदि फसलें तो बर्बाद हो गईं। एडीओ कृषि सतीराम का कहना बारिश और तेज हवा से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। इसका सर्वे कराया जाएगा।

वहीं, मऊआइमा ब्लॉक के ग्राम मऊदोस्तपुर, रामफल ईनारी, दुबाही मलखानपुर, अल्लीपुर, नौगीरा, छाता, घीनपुर, महमतपुर, दामोदरपुर, पिरोजपुर अचकवापुर, मोहनपुर सहित अन्य गांव में जहां कच्ची फसल हवाओं के चलते गिर गई। उधर, तहसील सोरांव के नवाबगंज इलाके में बड़े पैमाने पर अगैती आलू तथा सरसों की खेती की जाती है। मौजूदा समय आलू तथा सरसों की बुआई का काम हो रहा है। गंगा के कछारी इलाके में ज्यादातर किसान सरसों तथा उपरहार में आलू की करते हैं। बताया जाता है कि बेमौसम की बारिश से धान की कटाई पर असर पड़ा है। किसान श्यामलाल पटेल, शिवराम मौर्य, संत बहादुर सिंह ने बताया कि अभी 50 फीसदी धान की कटाई बाकी है। अधिक बारिश हुई तो पछेती धान की फसल में रोग लग जाएगा। धान की बची हुई फसल की कटाई में बाधा आएगी। किसानों के मुताबिक अगैती फसलों पर मौसम का कुप्रभाव पड़ेगा।



तैयार फसल गिरी

आनापुर। क्षेत्र में दो दिन से छुटपुट हो रही बारिश से तैयार फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। तमाम किसानों की धान की फसल तैयार हो चुकी थी। काटने की तैयारी कर रहे थे। मगर, बारिश ने सब बिगाड़ दिया। अलादादपुर गांव के किसान राम किशुन व सुखदेव बताते हैं कि बारिश से काफी नुकसान पहुंचा। जिन्होंने हाल ही में आलू लगाया है, खेत में पानी भर जाने से आलू के बीज सड़ने की आशंका है। वहीं, तेज हवा के कारण भी धान की फसल गिर गई।
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